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Monday, September 2, 2019

सर्दी,जुकाम,बुखार और वायरल फीवर का आयुर्वेदिक इलाज


जैसा कि आजकल बरसात का मौसम चल रहा है। आकाश मे ज्यादातर बादल बने रहते हैं। कभी ठंडी हवा चलती है तो कभी उमस से बुरा हाल हो जाता है एसे में लापरवाही के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार व वायरल रोग हमें घेर लेते हैं। आइए आज इनका आयुर्वेदिक घरेलू इलाज जानते हैं।
  1. यदि किसी छोटे बच्चे को सर्दी हो जाए और सांस लेने में तकलीफ हो तो एक लोंग इन तुलसी के पत्ते थोड़ा सा गुण पान के पत्ते का टुकड़ा अजवाइन की कुछ कर दो चरणों में गुणा करके देखें।
  2. जुकाम की शुरुआत में गले में खराश हो जाती है ऐसी स्थिति में एक लौंंग, चार काली मिर्च मुुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसे जुकाम नहीं होगा और खराश ठीक हो जाएगी।
  3. बारिश के मौसम में सुबह खाली पेट 3-4 तुलसी के पत्ते पानी में नियमित रूप से लें, रोजाना कपालभाति करने से वर्षा जनित रोग होने की संभावना समाप्त हो जाती है।
  4. सिर दर्द होने पर 15 मिनट कपालभाति व अनुलोम विलोम प्राणायाम करें,शीघ्र ठीक हो जाएगा यदि बार-बार सिर दर्द होता है तो सुबह नियमित रूप से 15 मिनट कपालभाति अनुलोम विलोम करें लाभ होगा।
  5. आवाज बैठ जाने पर, या गला खराब हो  जाने पर चाय में चार काली मिर्च पीसकर 4-5 तुलसी के पत्ते सौंठ, तेजपात,लौंग डालकर पीने से आपकी आवाज खुल जाएगी।
  6. घुटनों में दर्द होने के साथ-साथ पेट में अपच रहती हो तो रोज सुबह खाली पेट तीन-चार चम्मच एलोवेरा जूस में आधा चम्मच आंवला पाउडर मिलाकर लेने से तथा साथ ही15 - 30 मिनट तक कपालभाति करें। घुटनों के दर्द में भी आराम होगा और अपच में भी आराम मिलेगा, जुकाम खांसी दस्त या बुखार होने पर एलोवेरा आंवला बिल्कुल ना लें।
  7. शरीर में कहीं भी मोच और सूजन आ जाने पर दिन में दो-तीन बार उस स्थान पर आयोडेक्स लगाकर  मालिश कर नमक की पोटली सेकें, निश्चित ही आराम मिलेगा

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