अजवाइन : एक घरेलू मसाला और बच्चों की सर्दी का घरेलू उपचार ajavain : ek ghareloo masaala aur bachchon kee sardee ka ghareloo upachaar - Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

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Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

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Friday, November 30, 2018

अजवाइन : एक घरेलू मसाला और बच्चों की सर्दी का घरेलू उपचार ajavain : ek ghareloo masaala aur bachchon kee sardee ka ghareloo upachaar

Ajwain: An Ayurvedic medicine of cold and cough For Babies

Ajwain: An Ayurvedic medicine of cold and cough For Babiesअब सर्दियाँ शुरू हो गयी हैं और सर्दी अपना रूप दिखाने लगी है ।ऐसे में शिशुओं को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है आज हम एसी एक आयुर्वेदिक औषधि अजवाइन के वारे में बात कर रहे हैं जिसे आमतौर पर सब्जियों में मसाले के रूप में प्रयोग किया जाता है इसके बीज का रंग लगभग खाकी भूरे या जैतुनी हरे रंग का होता हैं| इनमे एक अपना ही स्वाद और खुश्बू होती है| अजवाइन का बीज पाचन  और श्वांस की समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है। युगों युगों से भारतीय घरों में अजवायन का प्रयोग अनेक रोगों खासकर पाचन व सर्दी में प्रयोग किया जाता रहा है। लैकिन आधुनिकता की धमक और ऐलौपैथिक दवाऔं के इस युग में धीमें धीमें हमारे घरों से घरेलू इलाज गायव होते चले गये और आज हम पूर्ण रुप से ऐलोपैथी के गुलाम हो गये अब हम छोटी से छोटी स्वास्थ्य समस्या को लेकर डाक्टर सहाव के दरवाजे पर चक्कर ल

ajavain : ek ghareloo masaala aur bachchon kee sardee ka ghareloo upachaar
गाते रहते हैं और साथ में बड़े से बड़ा रोग मुफ्त इनाम में प्राप्त करते हैं। आइये आज में आपको आपके घर में प्रयोग की जाने वाली अजमाइन या अजवाइन के आयुर्वेदिक उपयोग बता रहा हूँ जिससे आप कुछ लाभ प्राप्त कर सकें।

Ajwain benefits in Cough & Cold

 अजवाइन के  फायदे घरेलू उपचार में  – खाँसी और सर्दी में अजवाइन के उपयोगी प्रयोग:अजवाइन  रसोई में प्रयोग होने वाला एख मसाला  spice है जो अपने आप में रोगाणुरोधी गुण रखता है यह इसमें उपलब्ध Thymol / थायमोल के कारण होता है यही इसे  और सर्दी और खाँसी में राहत देने में मदद करता है।

1. बच्चे की श्वांस चलने पर अजवाइन की पोटली बनाकर गर्म पैड / सेक के रूप में हम अजवाइन का प्रयोग कर सकते हैं। 
एक तवा या भारी तली वाले बर्तन पर अजवाइन के 2 बड़े चम्मच ले और उन्हे कम आँच कुछ मिनट के लिए भून लें| एक साफ मलमल या सूती कपड़े  में (जिसे अंग्रेजी में कॉटेन कहा जाता है,  )भुना हुआ अजवाइन डालकर एक पोटली बना ले। इस पोटली से अपने बच्चे की छाती पर सेक करें| पर सेक करने से पहले अपने शरीर पर लगा कर देख लें कि बच्चा पोटली की गर्मी सह सके। इस सिकाई से सांस चलने और श्वास-कष्ट में तुरंत राहत मिलती है। यह सर्दी अथवा बंद नाक खोलने में भी बहुत लाभदायक है|
नोट: दम घुटने व अन्य ख़तरो से बचने के लिए पोटली को बच्चे के बहुत पास ना रखें कभी कभी बच्चा इसे मुँह में भी ले सकता है अतः किसी बड़े की मौजूदगी में ही पोटली का प्रयोग करना चाहिये।


Ajwain oil for  massage

3. अजवाइन के तेल बनाकर मालिश करना: 

ठंड और सर्दी का मुकाबला करने के लिए अजवाइन का तेल  छोटे शिशु की मालिश करने का एक बढ़िया तरीका है। इसको बच्चों के लिए एक ठंड या सर्दी निवारक उपाय के रूप में इस्तेमाल  किया जा सकता है| तेल बनाने के लिए, 1 बड़ा चम्मच अजवाइन को 1 बड़े चम्मच मसाज तेल (तिल / सरसों ) के साथ कुछ सेकेंड्स के लिए गर्म करें और फिर ठंडा होने दे |जब तेल सहने योग्य तापमान पर आ जाय तो इसे प्रयोग में लाया जा सकता है |आप इसे शिशु की सीने पर लगायें और धीरे से बच्चे की मालिश करें| अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ के लिए लहसुन की 1-2 कलियाँ भी इस तेल को बनाते वक़्त डाल सकते हैं। Ajwain for Cold and Cough in Babies


Benefits of Ajwain water अजवाइन के पानी से सर्दी का इलाज


4. अजवाइन काढ़ा / हर्बल काढ़े (6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए उपयुक्त):

यह उपाय खांसी और सर्दी के लिए एक बहुत ही सरल और प्रभावी नुस्खा है।(Ajwain for cold and cough in babies)
यह काढ़ा पाचन समस्याओं का भी निदान करता है|
सामग्री:
  • गुड़ – 1/3 कप
  • जल / पानी – 1/2 कप
  • अजवाइन – 1 छोटा चम्मच
  • तुसली के पत्ते – 8-10
  • सूखी अदरक पाउडर / सौंठ -1 / 2 चम्मच (वैकल्पिक)
  • हल्दी – 1/2 छोटा चम्मच
  • लौंग – 1
  • काली मिर्च – 5 नग
Ajwain Water making 
विधि:
एक भारी तली के पैन में सभी वस्तुओं को मिला कर 10 मिनट के लिए उबाल लें।
काढ़े को छान लें | अब इस काढ़े को ठंडा करके अपने शिशु को बताई हुई मात्रा में दे सकती हैं|
एक साल से अधिक उम्र के बच्चों को काढ़े में 2 बड़े चम्मच शहद मिला कर भी दे सकती हैं|
खुराक:
6 महीने – 1 वर्ष के लिए : 1 छोटा चम्मच (2 बार भोजन के बाद, सुबह और रात में) 3 दिनों के तक|
1 वर्ष से ऊपर बच्चों के लिए : 1.5 छोटा चम्मच (2 बार भोजन के बाद, सुबह और रात में) 3 दिनों के तक
नोट- इस काढ़े को खांसी की दवाई के साथ ना दें| अगर समस्या बनी रहती है / बढ़ती है तो चिकित्सक की सहायता / सलाह ज़रूर लें|
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