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Thursday, September 6, 2018

शुगर फ्री टेवलेट्स- फायदा और नुकसान Sugar Free Tablets - Advantages and Disadvantages

क्या शुगर फ्री टैबलेट शरीर के लिए नुकसानदायक हैं ?क्या बिल्कुल सुरक्षित हैं शुगर फ्री टेबलेट्स?

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शुगर फ्री गोलियाँ एक  Artificial Sweetener Options

डायबिटीज एक बहुत ही खतरनाक रोग है जिसमें आपके सभी स्वाद लगभग नियंत्रित हो जाते हैं। बैसे तो अपनी प्रकृति के अनुसार प्रत्येक रोग ही खतरनाक होता है क्योंकि जरा सी लापरवाही आपके छोटे से छोटे रोग को बड़ा व भयंकर बना देती है। किन्तु फिर भी अगर खतरनाक रोगों की बात की जाए तो मुख पर सर्वप्रथम मधुमेह अर्थात डायविटीज का नाम बरबस आ ही जाता है। क्योकि इस रोग में आप चाय से लेकर भोजन तक हर कार्य में नियंत्रण का ही सामना करेंगे  और अगर बात नियंत्रण तोड़ने की करें तो बस आप कुछ सुगर फ्री टेवलेट्स लेकर अपना मन बहला सकते हैं। लेकिन हाँ मैने जिस बात पर बल दिया कि बस आप "कुछ ही" तो इस "कुछ ही" को आप नियंत्रण ही मानिये। क्योकि नये शोध बता रहे हैं कि इन शुगर फ्री की एक हद है जो आपको पार नही करनी। हाँ आज इस पोस्ट में मैं इसी बात पर आपका ध्यान आकृषित करुगां कि शुगर फ्री केवल एक आप्सन है और इसे आप्सन ही रहने दें । आइये जाने शुगर फ्री गोलियाँ कितनी नुकसान दायक हैं आपके लिए-

क्योंकि मधुमेह रोगियों को अक्सर मीठा खाने को मना किया जाता है, लैकिन उन्हैं भोजन व पेय पदार्थों में स्वाद के लिए शक्कर का विकल्प चाहिये अतः आजकल के समय में विज्ञान ने ऐसे अनेकों कृत्रिम मिठास वाले पदार्थ उपलब्ध कराए हैं जो स्वाद में तो मीठे होते हैं लेकिन इनमें कैलोरी नहीं होती। शुगर फ्री गोली ऐसा ही एक वैज्ञानिक प्रयास है । शुगर फ्री गोलियाँ एक  Artificial Sweetener Options है  अत: ये मीठे होने के बावजूद मधुमेह के रोगियों में शुगर नहीं बढ़ाते हैं। लिहाजा इन्हें आर्टिफिशियल स्वीटनर्स कहते हैं।

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बाजार में  Artificial Sweetener के लिए अनेकों पदार्थ उपलब्ध हैं, परंतु सही जानकारी न होने के कारण इनके प्रति अनेक  भ्रांतियां औत गलत फहमियाँ व्याप्त हैं। डायबिटीज या मधुमेह के रोगियों को इन विकल्पों के साइड इफेक्ट के बारे में ज्यादा जानकारी होतीं। डायबिटीज या मधुमेह के रोगियों को .यह जानना परमावश्यक है कि  शुगर फ्री गोलियों का मनमाना प्रयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। डायबिटीज मरीज अगर लंबे समय तक शुगर फ्री गोली का सेवन करते रहते हैं तो उन्हैं  दिक्कत हो सकती है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के इनका ज्यादा प्रयोग न करें।
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि शरीर को चलाने के लिए हमें ‘ऊर्जा’ की आवश्यकता होती है जिसे ‘कैलोरी” (Calories) कहा जाता है। इस कैलोरी को हमारा शरीर पाचन क्रिया के बाद खाने में से निकालता है और यही  कैलोरी हमारे शरीर द्वारा या तो काम करने में खपत हो जाती है, या फिर फैट या चर्बी के रूप में जमा हो जाती है यही अतिरिक्त वसा हमको मोटापा और उससे संबंधित रोग देती है।
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  • बाजार में आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के मुख्यतः दो तरह के विकल्प उपलब्ध हैं

  1. एस्पारटेम  ( नुकसानदायक: सैक्रीन (Saccharin), ऐसपारटेम (Aspartame).
  2.  सुक्रालोज़ (न्यूट्रल : सुक्रालोज (Sucralose), स्टीविया (Stevia)
  • ज्यादातर शुगर फ्री गोलियों के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। अगर इसके बुरे प्रभावोंकी बात करें तो अनजाने में ज्यादा मात्रा में कैलोरी ले लेना, पकी हुई चीजों के टेक्सचर में बदलाव होना , allergy या कार्सिनोजेनिक असर शामिल है। इसके बाकी साइड इफेक्ट्स में सिर में दर्द, मितली, घबराहट,  नींद कम आना, जोड़ों में दर्द  आदि शामिल हैं। पढ़ें यह भी – 
  • सुक्रालोज़ को चूँकि शक्कर में रासायनिक बदलाव करके  बनाया जाता है। जिसके  फलस्वरूप यह स्वाद में शक्कर से 600 गुना मीठा हो जाता है और इसी कारण आंतें इसे अवशोषित भी नहीं कर पाती  हैं, और यही कारण है कि  यह कैलोरी रहित होता है।
  • एस्पारटेम मिथियोनीन तथा फिनाइल एलेनीन नामक एमीनो एसिड के मिलने से बनता है।  एक्सपर्ट्स के मुताबिक एस्पारटेम जिन पदार्थों से बना है, वे तो वैसे भी हमारे दैनिक भोजन का हिस्सा हैं। परंतु एस्पारटेम को अधिक गर्म करने से इसकी मिठास प्रभावित होती है। अतः एस्पारटेम को गर्म नहीं करना चाहिए। इसके विपरीत सुक्रालोज़ को गर्म करने के बावजूद इसकी मिठास बनी रहती है। हमारे भोजन में जो प्रोटीन होते हैं, वे पाचन के बाद एमीनो एसिड में बदलते हैं। 
  • ऐसी सभी मिठाइयां जिन्हें सेंकना होता है जैसे कि हलवा, केक इत्यादि को बनाने में सुक्रालोज़ का उपयोग किया जा सकता है।

  1.  शुगर फ्री गोलियोँ को  बनाने में सेक्रीन का प्रयोग होता है, जो स्वास्‍थ्‍य के लिए नुकसानदायक होता है। इसकेअधिक सेवन से कैंसर भी हो सकता है।
  2. शुगर फ्री गोलियोँ का अधिक सेवन करने से कम भूख लगने की समस्या हो सकती है।
  3. इनका अधिक सेवन मोटापे का कारण भी होता है।
  4. ये हृदय के लिए भी नुकसानदायक है।
  5. इन गोलियोँ का अधिक सेवन आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है।
  6. इन टेबलेट के अधिक प्रयोग से आपकी आंखों की रोशनी भी कम हो सकती है।
यदि आप शुगर फ्री टेबलेट लेते हैं तो इसे अपने डॉक्टर की सलाह से ही लें और कितनी मात्रा में लेनी है वह भी पूछ लें। 

शुगर फ्री गोली या कृत्रिम मिठास Artificial Sweetener Options का सेवन बिना किसी भी नुकसान के कितनी मात्रा  किया जा सकता है।

  • विभिन्न वैज्ञानिक शोधों द्वारा शुगर फ्री गोली में शामिल पदार्थों की सुरक्षित सीमा को वजन के आधार पर निर्धारित किया गया है।
  • आमतौर पर 60 कि.ग्रा. के वजन के व्यक्ति द्वारा प्रतिदिन सुक्रालोज़ या एस्पारटेस के लगभग 60 सेशे या 120 शुगर फ्री गोली का उपयोग किया जा सकता है | इसके लिए अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें | 
  • शुगर फ्री गोली बनाने वाली कम्पनियों के अनुसार एस्पारटेम तथा सुक्रालोज़ दोनों को गर्भावस्था में भी सुरक्षित माना गया है।
  • प्रश्न किसी भी मिठाई में शक्कर होने या ना होने का नहीं है।ज्यादा महत्वपूर्ण यह  है कि मिठाई में कैलोरी की मात्रा कितनी है। ड्राई फ्रूट्स तथा मावे से बनी सभी मिठाइयों में कैलोरी तथा वसा की मात्रा अधिक होती है। जो व्यक्ति अपने भोजन में कैलोरी की मात्रा को सीमित रखना चाहते हैं वे अगर मिठाइयां खाते हैं तो ये उनके शरीर में कैलोरी के गणित को गड़बड़ा देती हैं। इसलिए मिठाई अगर शुगर फ्री गोली के विकल्पों से  बनाई जा रही है तो मिठाई को ऐसे पदार्थों से बनानी चाहिये जिनमें कैलोरी कम हो। 
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बाजार में उपलब्ध कुछ शुगर फ्री गोली का शक्कर की तुलना में मिठास इस प्रकार से होता है |
  • सेकरीन 300 गुना
  • एस्पारटेम 200 गुना
  • एसीसल्फेम के 300 गुना
  • साइक्लामेट 30-50
  • सुक्रालोज़ 600 गुना

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