लिंग का ढीलापन दूर करने के सुगम, घरेलु व आयुर्वेदिक उपाय | ling kee shithilata door karane ke sugam, gharelu va aayurvedik upaay| - Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

Breaking

Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

Ayurveda-A Natural Treatment

Ancient Natural Traditional Science

WWW.AYURVEDLIGHT.COM

Wednesday, October 4, 2017

लिंग का ढीलापन दूर करने के सुगम, घरेलु व आयुर्वेदिक उपाय | ling kee shithilata door karane ke sugam, gharelu va aayurvedik upaay|

लिंग में तनाव की समस्या, लिंग की मजबूती या फिर लिंग की शिथिलता दूर करने केे घरेलू उपाय 
लिंग की शिथिलता दूर करने के सुगम, घरेलु व आयुर्वेदिक उपाय
लिंग का ढीलापन दूर करने के उपाय या लिंग को फौलाद बनाने के उपाय 

लिंग में तनाव न आना यह वास्तव में एसी समस्या है जिससे किसी न किसी समय पर हर पुरुष ग्रसित हो ही जाता है। किन्तु यदि यह समस्या सामान्य रुप से बनी रहे तो यह एक अति गंभीर समस्या बन जाती है जिसके कारण कई बार तो परिवार विखर जाने की स्थिति बन जाती है । लिंग में तनाव न आने की स्थिति कभी कभी तो आपके दिमाग में कोई गम या तनाव होने पर भी हो सकती है। और किसी बीमारी के कारण भी ऐसा हो सकता है कहने का मतलव यह है कि जव आप मानसिक रुप से विल्कुल सही होंगे तो यह समस्या नही ही होगी लैकिन कभी कभी शारीरिक कमजोरी भी इस समस्या का कारण होती है तब औषधि का सहयोग लेना ही पड़ता है। इस समस्या के निदान के लिए विभिन्न प्रकार के तेलों की मालिश करना आपने सामान्य बोलचाल में सुना होगा ये तेल श्री गोपाल तेल , सांडे का तेल  आदि हैं। इस समस्या का निदान इसलिए और भी आवश्यक हो जाता है क्योंकि इसमें केवल रोगी ही नही अपितु उसकी सहचारिणी भी व्यथा झेलती है। अतः इस रोग का निवारण अति आवस्यक है। क्योंकि ग्रहस्थी की गाड़ी के दो पहिये हैं पति और पत्नी दोनों का स्वस्थ रहना व एक दूसरे की चिन्ता करना जरुरी है तभी जीवन की डगर पार हो सकती है।

  1. सुअर की चर्बी और शहद को बराबर मात्रा में एक साथ मिलाकर लिंग पर लेप करने से लिंग में मजबूती आती है।
  2. हींग को देशी घी में मिलाकर लिंग पर लगा लें और ऊपर से सूती कपड़ा बांध दें। इससे कुछ ही दिनों में लिंग मजबूत हो जाता है।
  3. भुने हुए सुहागे को शहद के साथ पीसकर लिंग पर लेप करने से लिंग मजबूत और शक्तिशाली हो जाता है।
  4. जायफल को भैंस के दूध में पीसकर लिंग पर लेप करने के बाद ऊपर से पान का पत्ता बांधकर सो जाएं। सुबह इस पत्ते को खोलकर लिंग को गर्म पानी से धो लें। इस क्रिया को लगभग 3 सप्ताह करने से लिंग पुष्ट हो जाता है।
  5. शहद को बेलपत्र के रस में मिलाकर लेप करने से हस्तमैथुन के कारण होने वाले विकार दूर हो जाते हैं और लिंग मजबूत हो जाता है।
  6. रीठे की छाल और अकरकरा को बराबर मात्रा में लेकर शराब में मिलाकर खरल कर लें। इसके बाद लिंग के आगे के भाग को छोड़कर लेप करके ऊपर से ताजा साबुत पान का पत्ता बांधकर कच्चे धागे से बांध दें। इस क्रिया को नियमित रूप से करने से लिंग मजबूत हो जाता है।
  7. बकरी के घी को लिंग पर लगाने से लिंग मजबूत होता है और उसमें उत्तेजना आती है।
  8. बेल के ताजे पत्तों का रस निकालकर उसमें शहद मिलाकर लगाने से लिंग में ताकत पैदा हो जाती है।
  9. वीर्य का शोधन करके आपके अन्दर स्पर्म काउंट बढ़ाती है।
    Buy Now
  10. धतूरा, कपूर, शहद और पारे को बराबर मात्रा में मिलाकर और बारीक पीसकर इसके लेप को लिंग के आगे के भाग (सुपारी) को छोड़कर बाकी भाग पर लेप करने से संभोग शक्ति तेज हो जाती है।
  11. असगंध, मक्खन और बड़ी भटकटैया के पके हुए फल और ढाक के पत्ते का रस, इनमें से किसी भी एक चीज का प्रयोग लिंग पर करने से लिंग मजबूत और शक्तिशाली बनता है।
  12. पालथ लंगी का तेल, सांडे का तेल़, वीर बहूटी का तेल, मोर की चर्बी, रीछ की चर्बी, दालचीनी का तेल़, आधा भाग लौंग का तेल, 4 भाग मछली का तेल को एकसाथ मिलाकर कांच के चौड़े मुंह में भरकर रख लें। इसमें से 8 से 10 बूंदों को लिंग पर लगाकर ऊपर से पान के पत्ते को गर्म करके बांध लें। इस क्रिया को लगातार 1 महीने तक करने से लिंग का ढीलापन समाप्त हो जाता है़, लिंग मजबूत बनता है। इस क्रिया के दौरान लिंग को ठंडे पानी से बचाना चाहिए।

जानकारी

लिंग की मालिश या लेप करते समय एक बात का ध्यान रखें कि लिंग के मुंह के नीचे सफेद रंग का बदबूदार मैल जमा हो जाता है। इस मैल को समय-समय ठंडे पानी से धोकर साफ करते रहने चाहिए।

No comments:

Post a Comment

OUR AIM

ध्यान दें-

हमारा उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व में आय़ुर्वेद सम्बंधी ज्ञान को फैलाना है।हम औषधियों व अन्य चिकित्सा पद्धतियों के बारे मे जानकारियां देने में पूर्ण सावधानी वरतते हैं, फिर भी पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी औषधि या पद्धति का प्रयोग किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही करें। सम्पादक या प्रकाशक किसी भी इलाज, पद्धति या लेख के वारे में उत्तरदायी नही हैं।
हम अपने सभी पाठकों से आशा करते हैं कि अगर उनके पास भी आयुर्वेद से जुङी कोई जानकारी है तो आयुर्वेद के प्रकाश को दुनिया के सामने लाने के लिए कम्प्युटर पर वैठें तथा लिख भेजे हमें हमारे पास और यह आपके अपने नाम से ही प्रकाशित किया जाएगा।
जो लेख आपको अच्छा लगे उस पर
कृपया टिप्पणी करना न भूलें आपकी टिप्पणी हमें प्रोत्साहित करने वाली होनी चाहिए।जिससे हम और अच्छा लिख पाऐंगे।