सेक्स - सच्चाई और मिथक समझना अति आवश्यक है - Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

Breaking

Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

Ayurveda-A Natural Treatment System developed in India that has been passed on to humans from the God Dhanvantari, themselves who laid out instructions to maintain health as well as fighting illness through therapies, massages, herbal medicines, diet control, and exercise.

Sidebar Ads

test banner

Healthcare https

Ayurvedlight.com

Ancient Natural Traditional Science

WWW.AYURVEDLIGHT.COM

Sunday, May 28, 2017

सेक्स - सच्चाई और मिथक समझना अति आवश्यक है


सेक्स सच्चाई और मिथ्या बाते ----
सेक्स एक एसा विषय है जिस पर सारी दुनिया केन्द्रित है इसे लेकर लोगों के मन में बहुत पुराने समय से ही कई तरह की आशंकाएं, उत्सुकता और रोमांच रहा है। साथ ही अनेकों प्रकार की गलतफहमियां भी जुड़ी हुयीं हैं। बेहतर है कि आप इस क्रिया में जाने से पहले अपनी तमाम आशंकाओं को निर्मूल कर लें। तब देखिये , यह कितना इंज्वायफुल हो सकता है।


सेक्स से जुड़ी अनेकों फंतासी हैं जैसे किसी ने आपके साथ दो-चार चिकनी-चुपड़ी बातें क्या कर ली, हँँस क्या ली। आपने मान लिया, हंसी तो फंसी। जबकि ये सही नहीं है। ठीक यही स्थिति सेक्स को लेकर भी है। सेक्स को लेकर जितनी फंतासियां हैं, जितनी कहानियाँ हैं, उतने ही मिथक भी हैं, जो कई बार सच के करीब होकर भी सच नहीं होते।बस लगता जरुर है कि ये सच हैं । लोगों की एक सोच है कि विवाह का मुकाम सिर्फ सेक्स है। और सेक्स बोरियत मिटाने का तरीका है। लैकिन सच शायद कुछ और ही है । इसके अलावा अन्य मिथक भी हैं यथा
ऑर्गेज्म के बिना सेक्स सिर्फ लस्ट है।यह उन दिनों में नहीं करना चाहिए। ऐसे करना चाहिए , ऐसे नहीं... फलां...फलां आदि अनेक मुँह अनेक बातें । लैकिन  सच्चाई तो यह है कि आपने यदि सेक्स को लेकर सुनी-सुनाई व आधी-अधूरी जानकारियों पर भरोसा किया, तो यकीन मानिए आपकी 'बेड लाइफ' या वास्तव में कहैं तो आपकी वैवाहिक जिन्दगी बर्बाद होकर रहेगी। सेक्सोलोजिस्ट व डॉक्टरों के अनुसार  सेक्स आपके स्वास्थ्य को फिट रखता हैै। हाँ, कुछ खास परिस्थितियों में जैसे पीरिएड्स के समय, रोग की अवस्था में या फिर मूढ़ न हो तब  सेक्स वर्जित होना चाहिए, वरना सेक्स सेहत के लिए घातक भी हो सकता है। जैसे इंफेक्शन, यौन संक्रमित बीमारियां आदि ।

सेक्स शारीरिक भूख शान्ति का साधन नही  मानसिक सुख का कारक है-
माना कि सेक्स शरीर की जरूरत है।किन्तु शरीर भी मन से ही संचालित होता है यह सोचना कि  कभी भी, कहीं भी सेक्स से गुरेज नहीं करना चाहिए।गलत है। माना कि सेक्स शरीर की जरूरत है, लेकिन किसी दबाब में की गई कोई भी क्रिया खुशी नहीं देती। फिर यह तो सेक्स है सेक्स वास्तव में दो शरीरों का नही अपितु तो हृदयों का मिलन है तभी तो यह शारीरिक पूर्ति के अलावा मानसिक व भावनात्मक सुकून भी देता है। हम जिस परिवेश में रहते हैं, वहां शादी से पहले सेक्स को बुरा माना जाता है। हालांकि, आजकल  इस सोच में बदलाव आ रहा है। और इसी कारण समाज में बहुत सी नई परेशानियाँ भी प्रकट हो रही हैं। शादी के बाद ही सेक्स को ठीक कहा जा सकता है । क्योंकि यह वह क्रिया है जिसमें पल भर का सुख तो है लैकिन उस सुख की बेल पर लगा फल अगर लग गया तो जीवन भर के लिए दुःख भी दे सकता है।

अगर कोई ऐसा सोचता है कि सिर्फ पुरुष ही सेक्सुअल फैंटसीज का आनंद लेते हैं, तो आप गलत हैं। महिलाओं की भी सेक्सुअल फैंटसी होती है, भले ही वे अपने पार्टनर से शेयर ना करें। अगर आपकी पार्टनर सेक्स के दौरान किसी तरह की आवाज नहीं करती तो इसका मतलब यह नहीं कि वह सेक्स इंजॉय नहीं कर रही। सेक्स के दौरान कुछ महिलाएं वोकल होती हैं और कुछ शांति से इंजॉय करती हैं। हर बार अपनी सेक्स पार्टनर से आवाज की अपेक्षा करना गलत है। सेक्स के दौरान आप चरम आनंद (ऑर्गेज्म) महसूस नहीं करतीं तो आप अबनॉर्मल हैं...यह सोच 100 फीसदी गलत है। कई महिलाएं ऑर्गेज्म तक पहुंचती हैं पर वे खुद उसके बारे में नहीं जानतीं।

आप सोच रहे हैं कि आपका पहली बार सेक्स करने का एक्सपीरियंस माइंड ब्लोइंग होगा तो यह सही नहीं है। याद रखिए यह आपके लिए नया अनुभव है, इसलिए जरूरी है कि आप चीजों को आराम से करें। अक्सर कहा जाता है कि पहली बार सेक्स करने में बहुत दर्द होता है लेकिन अगर ठीक से फोरप्ले किया जाए और आप इसके लिए पूरी तरह तैयार हों तो पहली बार सेक्स करना बहुत आसान हो जाता है और बहुत कम दर्द होता है। हो सकता है आपको पहली बार बहुत अच्छा एक्सपीरियंस न हो लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि चीजें बेहतर होती जाएंगी। महिलाओं को फस्र्ट टाइम सेक्स के दौरान अपने पार्टनर को खुश करने के लिए ऑर्गेज्म का दिखावा करने की जरूरत नहीं है। धारणा है कि पहली बार सेक्स की अवधि बहुत लंबी होती है और इसका अंत ऑर्गेज्म के रूप में होता है। लेकिन यह धारणा सही नहीं है और ऑर्गेज्म के मामले में महिलाओं को निराशा हाथ लग सकती है। इसलिए जरूरी है कि पहली बार सेक्स के दौरान बिना किसी उम्मीद के सिर्फ इसे एंजॉय करने की कोशिश करें।

1 comment:

OUR AIM

ध्यान दें-

हमारा उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व में आय़ुर्वेद सम्बंधी ज्ञान को फैलाना है।हम औषधियों व अन्य चिकित्सा पद्धतियों के बारे मे जानकारियां देने में पूर्ण सावधानी वरतते हैं, फिर भी पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी औषधि या पद्धति का प्रयोग किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही करें। सम्पादक या प्रकाशक किसी भी इलाज, पद्धति या लेख के वारे में उत्तरदायी नही हैं।
हम अपने सभी पाठकों से आशा करते हैं कि अगर उनके पास भी आयुर्वेद से जुङी कोई जानकारी है तो आयुर्वेद के प्रकाश को दुनिया के सामने लाने के लिए कम्प्युटर पर वैठें तथा लिख भेजे हमें हमारे पास और यह आपके अपने नाम से ही प्रकाशित किया जाएगा।
जो लेख आपको अच्छा लगे उस पर
कृपया टिप्पणी करना न भूलें आपकी टिप्पणी हमें प्रोत्साहित करने वाली होनी चाहिए।जिससे हम और अच्छा लिख पाऐंगे।

AYURVEDLIGHT Ad

WWW.AYURVEDLIGHT.COM