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Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

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Monday, May 29, 2017

चना एक सर्वोत्तम टानिक है।Gram- A best tonic

चना आयुर्वेद में सदियों से ऊर्जा के स्रोत के रुप में अपनाया जाता रहा है। अभी थोड़े से साल पहले तक आम घरों में गैहूँ चना जौ व मटर का आटा रोटियाँ बनाने के लिए प्रयोग होता था।लैकिन समय के साथ यह प्रयोग कम होता गया ।यह एक अति सेहतमंद दाल है जो कई रंगों मे पायी जाती है। काला चना, कत्थई चना, सफेद चना, सफेद बारीक चना, सफेद काबुली चना आदि अनेक प्रकार के आकार व प्रकार में चना पाया जाता है।

 इसका सेवन हम चाट के रुप में तो बाजारों में करते ही हैं इसके अतिरिक्त सब्जी के रुप में भी किया जाता है । छोले भटूरे का स्वाद तो आपने लिया ही होगा इसमें अगर छोला न हो तो इस स्वाद की कल्पना भी नही की जा  सकती है। आपने बसों में रेलगाड़ियों में भी चने बेचने बालों को देखा होगा वे कई बार उबाल कर चना बेचते हैं तो कई केवल उन्हैं भिगोकर उसमें कुछ सलाद व मसाला छिड़ककर बैचते हैं तो कई इन्हैं अंकुरित करके उसमें मसाला मिलाकर प्रस्तुत करते हैं।बाजारों में भुना चना मिलता है।आइये चने के बारे में विचार करते हैं आज यह कितना फायदेमंद है सेहत के लिए जाने

चने के इंग्रीडेंट्स----

चने में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम के साथ ही अन्य दूसरे मिनरल्स भी होते हैं। इसके अलावा अंकुरित काला चना अधिक फायदेमंद होता है। अंकुरित चने में विटामिन ए, बी, सी, डी, और के साथ ही फास्फोरस, पोटैशियम, मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।
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चना फाइबर का अच्छा स्रोत है---

स्वास्थ रहने के लिए फाइबर हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। यह हमारी पाचन क्रिया को सबल करता है। काला चना फाइबर से भरपूर होता है, इसलिए यह पाचन क्रिया को सुधारता है। रातभर भिगोकर रखे गए चने को खाने से कब्ज की समस्या का निदान करते हैं। ध्यान रखें चने का वह पानी जिसमें इसे भिगोकर रखा गया था वह भी कम फायदेंमंद नही है अपितु यह ज्यादा ही फायदेमंद होता है। 

चना एनर्जेटिक हैः

जैसा कि हम जानते है कि किसी भी कार्य के लिए हमें ऊर्जा की आवश्यकता होती है और चना इनर्जी का एक बहुत ही अच्छा स्रोत है। काला चना इसमें और भी ज्यादा अच्छा काम करता है।चना एक अप्रतिम ऊर्जा  स्रोत है अगर यह गुड़ के साथ भुना हुआ लिया जाऐ तो यह और भी अच्छा काम करता है। यह मधुमेह अर्थात डायबिटीज के रोगियों के लिए भी दिया जा सकता है जिसका उन्हैं बहुत फायदा होता है।

रक्ताल्पता अर्थात एनीमिया का शत्रु है चना-

चना रक्त की कमी को पूरा करने बाला एसा पोषक तत्व है जो आपकी सेहत को जल्दी ही सुधार कर आपको आश्चर्यचकित कर सकता है। आप बस प्रतिदिन सुबह ही खाली पेट कुछ चने खाने की आदत डाल लीजिए ये रात में भिगो दिये जाते हैं इन्हैं विना उवाले ही कच्चा खाया जा सकता है हाँ अपने स्वादा नुसार सलाद मिलाया जा सकता है।बस यही आदत आपके शरीर में खून की कमी को दूर कर देता है। गर्भवती महिलाओं में चना खून की कमियों को दूर कर उन्हैं स्वस्थ रखने की गारंटी हो सकता है।

आपके त्वचा का बहुत बढ़िया स्किन केयरर है चना--

अन्त में यह कहा जाऐ कि चना बाकी अन्य लाभों के अलाबा आपका हैल्दी स्किन केयर टानिक भी है तो अतिश्योक्ति नही होगी यह बास्तव में त्वचा का रंग निखार कर सुन्दर देह प्रदान करता है।चने को भिगोने के बाद बचे पानी से चेहरा धोने से चहेरे पर चमक आती है । 
चना एक हैल्दी ब्रेकफास्ट है जो आपकी सेहत का सबसे अच्छा ख्याल करता है। अतः प्रतिदिन सुबह चाय लेने से एक घण्टा पहले भिगोया हुआ चना आपको पूर्णतया फिट रखेगा जो आपको उस दिन के लिए पर्याप्त ऊर्जा प्रदान करेगा।

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