खाँसी के लिए अजवाइन के आयुर्वेदिक प्रयोग - Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

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Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

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Sunday, November 6, 2016

खाँसी के लिए अजवाइन के आयुर्वेदिक प्रयोग

Ajwain for Cold and Cough in Babies (खाँसी और सर्दी में बच्चों के लिए अजवाइन के चार उपयोगी प्रयोग)

अजवाइन एक लोकप्रिय भारतीय मसाला है| बचपन में मुझे अजवाइन की पूरी बहुत पसंद थी | अजवाइन के स्वास्थ्य संबधी प्रयोग और लाभ की जानकारी मुझे अपने पहली डेलिवरी / प्रसव के समय पता चली| मेरी माँ ने भूनी हुआ अजवाइन, सौंफ, सुआ और तिल का एक मिश्रण तैयार किया। इस मिश्रण को भोजन के बाद खाया जाता है और यकीन मानिए सीजेरियन प्रसव के बाद मुझे किसी भी प्रकार की पाचन संबंधी समस्या नही हुई| इस मिश्रण से स्तनपान में भी मदद होती है। ajwain for cold and cough in babiesअजवाइन के बीज रंग में लगभग खाकी भूरे या जैतुनी हरे रंग के होते हैं| इनमे एक अपना ही स्वाद और खुश्बू होती है| अजवाइन बीज पाचन और सांस की समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
आज की पोस्ट में, मैं शिशुओं, बच्चों और सभी के लिए सर्दी और खाँसी के घरेलू उपचार साझा कर रही हूँ| Ajwain for Cold and Cough in Babies ये उपाय बहुत सुरक्षित और काम के हैं| मैं इन्हे अपने बच्चों के लिए एक बचाव अथवा निवारक के रूप में काम मे लाती हूँ|

घरेलू उपचार – खाँसी और सर्दी में अजवाइन के उपयोगी प्रयोग: 4 uses of ajwain for cold and cough in babies


अजवाइन में मौजूद thymol / थायमोल इसे रोगाणुरोधी गुण देता है और सर्दी और खाँसी में राहत देने में मदद करता है।
1. गर्म पैड / सेक के रूप में अजवाइन की पोटली (यह उपाय नन्हे शिशु के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है):
कुछ मिनट के लिए एक तवा या भारी तली वाले बर्तन पर अजवाइन के 2 बड़े चम्मच ले और उन्हे कम आँच पर भुन लें| एक साफ मलमल अथवा कॉटेन के कपड़े में भुना हुआ अजवाइन डालकर एक पोटली बना ले। इस पोटली से अपने बच्चे की छाती पर सेक करें| यह सिकाई से सांस चलने और श्वास-कष्ट में तुरंत राहत मिलती है। यह सर्दी अथवा बंद नाक खोलने में भी बहुत लाभदायक है| कृपया पहेले खुद पर पोटली लगा कर सुनिश्चित करें कि पोटली ज़्यादा गर्म नही है, इस के बाद अपने बच्चे पर इसका इस्तेमाल करे। Ajwain for Cold and Cough in Babies
2. अजवाइन और लहसुन पोटली का धुआँ / अरोमा (यह उपाय नन्हे शिशु के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है):
2 बड़े लहसुन की कलियाँ और एक बड़ा चम्मच अजवाइन को तवे पर भुन लें| थोड़ा ठंडा होने पर एक साफ मलमल के कपड़े के साथ एक पोटली बना लें| अब इस पोटली को बच्चे क़ी सोने की स्थान / पालने के पास रख दें | पोटली से लहसुन और अजवाइन की सुगंध / अरोमा से बंद नाक खोलने में मदद मिलती है | यह अरोमा सर्दी में बहुत आराम देता है |
नोट: मुंह में डालने / दम घुटने की / अन्य ख़तरो से बचने के लिए पोटली को बच्चे के बहुत पास ना रखें|किसी बड़े की मौजूदगी में ही पोटली का प्रयोग कीजिए|
3. अजवाइन के तेल के साथ मालिश (यह उपाय नन्हे शिशु के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है):
अजवाइन के तेल के साथ छोटे शिशु की मालिश , ठंड और सर्दी का मुकाबला करने के लिए एक बढ़िया तरीका है। इस उपाय को एक निवारक उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है| तेल बनाने के लिए, 1 बड़ा चम्मच अजवाइन को 1 बड़े चम्मच मसाज तेल (तिल / सरसों ) के साथ कुछ सेकेंड्स के लिए गर्म करें और फिर ठंडा होने दे |जब तेल सहने योग्य तापमान पर आ जाय तो इसे प्रयोग में लाया जा सकता है |आप इसे शिशु की सीने पर लगायें और धीरे से बच्चे की मालिश करें| अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ के लिए लहसुन की 1-2 कलियाँ भी इस तेल को बनाते वक़्त डाल सकते हैं। Ajwain for Cold and Cough in Babies
4. अजवाइन काढ़ा / हर्बल काढ़े (6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए उपयुक्त):
यह उपाय खांसी और सर्दी के लिए एक बहुत ही सरल और प्रभावी नुस्खा है।(Ajwain for cold and cough in babies)
यह काढ़ा पाचन समस्याओं का भी निदान करता है|
सामग्री:
  • गुड़ – 1/3 कप
  • जल / पानी – 1/2 कप
  • अजवाइन – 1 छोटा चम्मच
  • तुसली के पत्ते – 8-10
  • सूखी अदरक पाउडर / सौंठ -1 / 2 चम्मच (वैकल्पिक)
  • हल्दी – 1/2 छोटा चम्मच
  • लौंग – 1
  • काली मिर्च – 5 नग
विधि:
एक भारी तली के पैन में सभी वस्तुओं को मिला कर 10 मिनट के लिए उबाल लें।
काढ़े को छान लें | अब इस काढ़े को ठंडा करके अपने शिशु को बताई हुई मात्रा में दे सकती हैं|
एक साल से अधिक उम्र के बच्चों को काढ़े में 2 बड़े चम्मच शहद मिला कर भी दे सकती हैं|
खुराक:
6 महीने – 1 वर्ष के लिए : 1 छोटा चम्मच (2 बार भोजन के बाद, सुबह और रात में) 3 दिनों के तक|
1 वर्ष से ऊपर बच्चों के लिए : 1.5 छोटा चम्मच (2 बार भोजन के बाद, सुबह और रात में) 3 दिनों के तक
इस काढ़े को खांसी की दवाई के साथ ना दें| अगर समस्या बनी रहती है / बढ़ती है तो चिकित्सक की सहायता / सलाह ज़रूर लें|
मैं ऐसी उम्मीद करती हूँ कि यह पोस्ट आप सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होगी | टिप्पणी भाग में अपने घरेलू उपचार भी ज़रूर साझा करें , यह समुदाय के लिए उपयोगी हो सकता है।

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