नीम के औषधीय गुण जानिये - Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

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Thursday, October 6, 2016

नीम के औषधीय गुण जानिये

नीम Neemएक एसा भारतीय वृक्ष है जिसके उपयोग के बारे में कौन नहीं जानता, इसके  फायदों की अगर बात करें तो आप गिनते-गिनते थक जाएंगे| नीम अपने आप में एक महान औषधि है जो किसी भी रोग या कहें बहुत से रोगों में अमृत के सामान काम करती है| नीम की मात्र पत्तियाँ ही नहीं इसकी छाल, फल, फूल यहाँ तक की इसकी जड़ भी अनेकों रोगों को ठीक करने के काम में आती है| इसके गुणों के आधार पर नीम को एक अमृत वृक्ष कहना गलत नहीं होगा क्योंकि इसके अलावा और कम ही वृक्ष ऐसे होंगे जिनके इतने औषधीय गुण या उपयोग होते हों|

आएये जाने नीम व नीम के तेल का उपयोग या फायदे (Neem Oil Benefits in Hindi) विस्तार में : 

नीम के औषधीय गुण http://www.ayurvedlight.com/
 


  • नीम में एंटीबैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटी पैरासिटिक गुणों के अलावा विटामिन सी, प्रोटीन और कैरोटीन प्रचुर मात्रा में होता है जो बालों को संक्रमण से मुक्त रखता है और जुओं से भी बचाता है।
  • बाल झड़ने, डैंड्रफ जैसी समस्याओं से परेशान हैं तो नीम के तेल के से आपको फायदा मिल सकता है। नीम का तेल लगाने का सही तरीका है। पहले नीम के तेल को हल्का गर्म कर लें। फिर रात भर लगाकर छोड़ दें।
  • बालों में चमक चाहिए तो शैम्पू में थोड़ा सा नीम का तेल मिलाकर बाल धोएं। बाल सूखने पर कंडीशन हो जाएंगे। ऐसा हफ्ते में एक बार करें।
  • बालों में जुएं हो गई हैं तो रात भर नीम का तेल बालों में लगाएं और फिर सुबह कंघी करें। इससे सभी जुएं निकल जाएंगी।
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  • दोमुंहे बालों से निजात पाने के लिए नीम के तेल से स्केल्प की मसाज करें। इसे कम से कम एक घंटा या फिर रात भर लगाकर छोड़ दें।इसके बाद शैंपू से बाल अच्छी तरह साफ करें। हफ्ते में कम से कम एक बार यह उपाय करें। दोमुंहे बाल खत्म हो जाएंगे   
इसके अलावानीम के प्रमुख और औषधीय गुण निम्नलिखित हैं:

ज्वर: यदि कोई व्यक्ति मलेरिया के ज्वर या तेज ज्वर से पीड़ित है तो नीम की पत्ती और फिटकरी एक साथ पीस कर खाने से लाभ होता है| इसके लिए 2-3 ग्राम फिटकरी और पांच से छह नीम की पत्तियाँ का अच्छा से मिश्रण बना लें|
मूत्र: अगर किसी को पिशाब की समस्या हो या पिशाब रूका हुआ हो टो नीम के फूल पीसकर पेडू पर लेप करें, इससे रूका हुआ मूत्र खुल जाता है|
रक्त विकार: रक्त विकार और मंदागिनी की समस्या से छूटकारा पाने के लिए पकी निम्बौली सेवन करना अच्छा रहता है| अगर इसे दैनिक रूप से लिया जाए तो यह काभी कारगर साबित हो सकता है|
जुकाम: नीम की पांच पत्ती और कालीमिर्च पीसकर गर्म पानी के साथ खाएं, इससे आपको जुकाम से बहुत राहत मिलेगा|
अम्लपित्त/गैस: सोंठ, काली मिर्च और नीम की छाल का गूदा तीनों को मिलाकर चूर्ण बना लें| इसे नित्य प्रातः सेवन करें अम्लपित्त/ गैस की बिमारी से आराम मिलेगा|

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