दोहों में रोगों का इलाज - Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

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Friday, September 2, 2016

दोहों में रोगों का इलाज

भारत वैदिक सभ्यता से ही इस प्रकार का देश रहा है जहाँ ज्ञान का सम्मान होता रहा है यही कारण है कि विपरीत विचारधाराऐं भी भारत में  खूब फलीं फूलीं हैं। इसके कारण भारत देश ज्ञान के मामले में और अधिक समृद्धिशाली ही होता रहा यहाँ अनेकों चिकित्सा पद्धतियों ने जन्म लिया जो आज लुप्त होने के कगार पर पहुँच गयीं हैं किन्तु कुछ वैद्यों ने इन पद्धतियों को अपने कवित्व के कारण ऐसा अमर कर दिया कि वे लोग तो मर खप गये लेकिन उनके नुस्खे आज भी जन बोलचाल की भाषा में दोहों चौपाइयों कवित्त अथवा सोरठों के रुप में जीवित हैं।

आइये आज इनमें से खाँसी, दमा, श्वास रोग को दूर करने का इलाज इन्हीं दोहों के रुप में याद करते हैं जिससे समय पड़ने पर हम अवश्य ही याद कर लें और किसी भी हमारे जानकार को कष्ट से छुटकारा दिला सकें। 

1-      इमली की पत्ती हरी, रत्ती हींग मिलाय। 
   सेंधा नमक मिलाय के,काढ़ा लेय बनाय।। 
   जब चौथाई जल रहे,गर्म गर्म पी जाय
  इस बिधि कुछ दिन जब पिये,सूखी खाँसी जाय।।
2-      काली मिर्च महीन पिसाके , आक पुष्प और शहद मिलाओ। 
    भोजन पूर्व इसे खा करके, सूखी खाँसी तुरत मिटाओ।।


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