संतरें के आयुर्वेदिक गुण; पोषक तत्वों से भरपूर है संतरा : - Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

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Sunday, December 21, 2014

संतरें के आयुर्वेदिक गुण; पोषक तत्वों से भरपूर है संतरा :


संतरा खट्टा-मीठा
, रसीला और सुंदर चटख केसरी रंग वाला सचमुच लाज़बाव फल होता है। जो दुनियाभर में बहुत ही लोकप्रिय फल है। इस लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण है संतरे की हर फाँक का अनेकों पोषक तत्वों और गुणों से भरपूर होना। 
- संतरा एक ऐसा फल है जिसमें विभिन्न पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। किन्तु इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें कैलोरीज काफी कम होती है। हर प्रकार के सैच्यूरेटेड फैट या कोलेस्ट्रॉल से फ्री संतरा डायटरी फायबर से पूर्णतया भरा हुआ है।जो खुद तो इन्है रखता ही नही अपितु इन हानिकारक तत्वों को शरीर से बाहर करने में सहायक भी होता है। संतरा डाइजेस्टिव सिस्टम(पाचन तंत्र) के लिए एक टॉनिक की तरह काम करता है।

- सर्वाधिक मात्रा मे संतरे विटामिन सी का स्रोत है संतरा क्योंकि यह एक साइट्रस फ्रूट है और साइट्रस फ्रूट्स विटामिन सी की अच्छे स्रोत होते हैं। संतरा नेचुरल एंटी-ऑक्सीडेंट होता है और इम्यूनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाता है अर्थात यह रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करने वाला फल है। यह खून साफ करने के साथ ही यह स्टेमिना बढ़ाने में भी मदद देता है। 

- आंखों के लिए लाभकारी विटामिन ए भी इसमें अच्छी मात्रा में मिलता है।
-यह विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का स्रोत भी है और विटामिन बी कॉम्लेक्स शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाता है। 
- संतरे में विटामिनों के अलावा पोटेशियम और केल्शियम जैसे मिनरल्स भी पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं। यह हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करता है और हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।

संतरे में एन्टी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज़ होने के कारण यह हमारे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेन्स को बनाए रखने में मदद करता है। 
 
संतरे को खाने के अन्य तरीके :   
 
वैसे तो किसी भी फल को प्राकृतिक रुप में खाना ही सर्वश्रेष्ठ होता है लेकिन इसके अलावा इसे ज्यूस के रुप में प्रयोग करके भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
संतरे को सबसे ज़्यादा ज्यूस के रुप में ही लिया जाता है। एक ग्लास संतरे का रस नियमित रुप से लिया जाए तो यह हेल्थ के ऑल राउंड ऑटोमेटिक प्रोटेक्टर की तरह काम करता है। इसके शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनो ही तरह के फायदे होते हैं। बीमारियों से बचाने के अलावा यह उन्हें दूर करने में भी मददगार होता है।


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