मलाई का दवाई में उपयोग - Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

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Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

Ayurveda-A Natural Treatment System developed in India that has been passed on to humans from the God Dhanvantari, themselves who laid out instructions to maintain health as well as fighting illness through therapies, massages, herbal medicines, diet control, and exercise.

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Tuesday, December 2, 2014

मलाई का दवाई में उपयोग


* सर्दियों के मौसम में खाँसी की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में आधी कटोरी मलाई में एक चम्मच नारियल का बुरा, पाँच बड़ी इलायची का पावडर तथा दस काली मिर्च दरदरी पीसकर, धीमी आँच पर चलाकर गर्म कर लें। सोने से पहले रोगी को गर्म-गर्म ही दें। कुछ दिन इसका सेवन करने से खुश्क खाँसी ठीक हो जाती है। 

* काँसे या पीतल की थाली में दो चम्मच ताजी मलाई को थोड़ा सा पानी डालकर खूब फेंट लें। मलाई फूलकर मक्खन जैसी हो जाएगी। इसमें एक डली कपूर की पीसकर मिलाएँ। फोड़े-फूँसी आदि पर यह लेप लगाने से लाभ होता है। 

इसी कपूर मिले मक्खन को छोटे बच्चों के सिर के बीचोंबीच रखकर हल्के हाथ से मालिश करें। इससे खोपड़ी मजबूत होती है और गर्मियों में ठंडक पहुँचती है।


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