अपूर्व यौवन दाता गंधक रसायन - Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

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Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

Ayurveda-A Natural Treatment System developed in India that has been passed on to humans from the God Dhanvantari, themselves who laid out instructions to maintain health as well as fighting illness through therapies, massages, herbal medicines, diet control, and exercise.

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Friday, January 4, 2013

अपूर्व यौवन दाता गंधक रसायन

यौवन एक एसा विषय है जिसे कौन नही पाना चाहता है और फिर बात अगर सदाबहार यौवन की की जाए तो मै समझता हूँ कि वृद्ध भी सोचने लगेंगे कि भाई अगर यह मिल जाए तो है वैद्य तुम्हारा अति भला हो।लैकिन सौभाग्य से भारत में ऐसे योगों की कमी नही है कमी हो रही है तो जानने बालों की जिसके चलते आज आयुर्वेद का ज्ञान क्षीण प्राय हो चला है।और सबसे ज्यादा चिन्ता इस बात की है कि सरकारी स्तर से आयुर्वेद सीखे हुये बी.ए.एम.एस डाक्टर्स आज एलोपैथ चिकित्सा करते हुए आयुर्वेदिक ज्ञान को फैला तो रहै ही नही हैं अपितु खुद भी उस ज्ञान का प्रयोग न करके भूलते चले जा रहै हैं।लैकिन भारत भूमि उर्वरा है उसमें ज्ञान की न तो कमी ही है न ही नये लोगो का इस ज्ञान में आना बंद हो रहा है हाँ इतना जरुर है।संख्या कम जरुर है।खैर इस बात को यही विराम देते हुये अब आते हैं मुद्दे की बात पर तो भाईयो आयुर्वेद ऐसा चिकित्सा भण्डार है जो अकेला आपकी चिकित्सा की ही नही आपको निरोगी बनाने की गारंटी भी लेता है।और जब निरोग रहैंगे तो चिकित्सा की जरुरत भी नही होगी तो मुझे यह कहते हुये गर्व होता है कि आयुर्वेद स्वस्थ जीवन का ज्ञान है।आज मैं बता रहा हूँ एक ऐसा योग जो आपको हमेशा युवा बनाए रखेगा।यह योग चिकित्सा ज्ञान का आयुर्वेदिक रत्न रस तरंगिणी का है याद रखे यह एक ऐसा आयुर्वेदिक ग्रंथ है जहाँ ऐलौपेथ के सारे नुस्खे बौने सावित हो जाते हैं या यो कहैं कि आयुर्वेदिक त्वरित चिकित्सा सूत्र है यह ग्रंथ...................
अब सामिग्री लिखें जो इस योग को बनाने में काम आएगी।
आंवलसार गंधक व सूखा आंवला 50-50 ग्राम अलग अलग चूर्ण ले तथा मिला लें।आजकल आंवले आ रहे है तो ताजा आंवलों का रस तथा सेमल की मूसली को लेकर उसका भी रस निकाल लें तथा पहले बताऐ गये चूर्ण को इनमे अलग अलग भिगोकर 7-7 बार सुखा लें या आयुर्वेदिक भाषा में कहें तो भावना दे लें।बस बन गया आपका आयुर्वेदिक सदाबहार यौवन दाता योग जो आपके शरीर को पुनर्यौवन प्रदान करने की शक्ति रखता है।कम से कम तीन महिने इस योग को केवल एक ग्राम की मात्रा में लेकर मिश्री के साथ सेवन करने से वृद्ध व्यक्ति भी यौवन से झरझरा उठेगा।यह योग अत्यन्त यौवन शक्ति दाता योग है।

4 comments:

  1. इस लेख मैं कितनी सत्यता हैं और इस को किया हम बना बनया बाजार से ले सकते हैं या आप बना सकते हैं

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  2. साइट बहुत अच्छी हैं जानकारी बहुत सही हैं पर इन्हे घर पर बनना आसान नहीं हैं सही चीजे बाजार से मिल नहीं पति हैं अगर आर्डर पर बना सकते हैं तो अच्छा होगा

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  3. इस गंधक रसायन के जो अन्य लाभ होते हैं उन्हें भी उजागर करना आवश्यक है

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  4. ये बहुत ही साधारण योग है गंधक रसायन इस प्रकार थोड़े बनता है इसे अग्नि स्थाई करना पड़ता है तब जाके ये सिद्ध होता है और पुनः योवन की प्राप्ति होती

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