क्रोध में हों तो गम खाना , और भूख में थोड़ा कम खाना। - Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

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Ayurveda : A Holistic approach to Health, age and Longevity

Ayurveda-A Natural Treatment System developed in India that has been passed on to humans from the God Dhanvantari, themselves who laid out instructions to maintain health as well as fighting illness through therapies, massages, herbal medicines, diet control, and exercise.

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Thursday, September 6, 2012

क्रोध में हों तो गम खाना , और भूख में थोड़ा कम खाना।

क्रोध में हों तो गम खाना , और भूख में थोड़ा कम खाना।
अगर  नशे से दुर रहेतो ,स्वास्थ्य आपका बन जाना।।

 आपने लोगों को कहते सुना होगा कि भइया स्वस्थ रहना चाहो तो कम खाना और गम खाना

यह  बात अपने आप मे पूरी तरह सही है ।क्योकि आपने भी महसूस किया होगा कि जब कभी आप स्वाद स्वाद में भी ज्यादा खा गये होंगे तव आपको पेट मे भारीपन,बुरी बुरी डकार आना, अपच, व कब्ज जैसी  तकलीफे हो जाती होंगी।
                आयुर्वेद के महान ज्ञाता महर्षि चरक ने चरक संहिता के निदान स्थान में लिखा है कि
                                        हिताशी स्यान्मिताशी स्यात्कालभोजी जितेन्द्रियः।
                                         पश्यन् रोगान् बहुन् कष्टान् बुद्धि विषमाशनात्।।
अर्थात विषम भोजन से उत्पन्न होने बाले अनेको कष्टदायक रोगो को ध्यान में रखते हुए बुद्दिमान मनुष्य
केवल  हितकारक वस्तुओं का विल्कुल संतुलित मात्रा में इन्द्रियों को वश में रखकर बिल्कुल ठीक समय पर सेवन करे।
              अतः हमेशा ध्यान रखें कि हम इस चटोरी जीभ के चंगुल में न फसें और स्वादिष्ट व्यंजनों का भी उचित मात्रा तथा उचित समय पर ही सेवन करें।समय से खाना खा  लेने से कई अन्य भी फायदे हैं धीमे धीमे आपका भोजन का समय बँध जाएगा ,भूँख खुलकर लगने  लगेगी शरीर को समय पर भोजन मिलने से कमजोरी भी नही होगी

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