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Sunday, December 25, 2016

खाँसी के लिए अजवाइन के आयुर्वेदिक प्रयोग Ajwain for Cold and Cough in Babies

खाँसी और सर्दी में बच्चों के लिए अजवाइन के चार उपयोगी प्रयोग

एक लोकप्रिय भारतीय मसाला है अजवाइन | बचपन में गंगाजी के किनारे अजवाइन की पूरी अचार के साथ खाना आज भी कई बार याद आता है | यह एक ऐसी औषधि भी है जो बच्चों के लिए सर्दी खाँसी तथा पाचन सम्बन्धी समस्याओं में घरेलू औषधियों के रुप में काम में लायी जा सकती है जिसका उपयोग स्वास्थ्य के लिए वरदान सावित होता है।
 अजवाइन के स्वास्थ्य संबधी प्रयोग और लाभ की जानकारी मुझे अपने पहली डेलिवरी / प्रसव के समय पता चली| मेरी माँ ने भूनी हुआ अजवाइन, सौंफ, सुआ और तिल का क मिश्रण तैयार किया। इस मिश्रण को भोजन के बाद खाया जाता है और यकीन मानिए सीजेरियन प्रसव के बाद मुझे किसी भी प्रकार की पाचन संबंधी समस्या नही हुई| इस मिश्रण से स्तनपान में भी मदद होती है।

 Ajwain for cold and cough in babies................

अजवाइन के बीज रंग में लगभग खाकी भूरे या जैतुनी हरे रंग केमहोते हैं| इनमे एक अपना ही स्वाद और खुश्बू होती है| अजवाइन बीज पाचन और श्वास की समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
 ये बच्चों के लिए एक बचाव अथवा रोग निवारक के रूप में काम मे लाये जाते हैं|

घरेलू उपचार –

बच्चों के लिए खाँसी और सर्दी में अजवाइन के उपयोगी प्रयोग:

 uses of Ajwain for cold and cough in babies


अजवाइन में मौजूद Thymol या थाइमोल इसे रोगाणुओं के लिए प्रतिरोधी गुण प्रदान करने के साथ साथ ही सर्दी और खाँसी को रोकने में भी अत्यधिक प्रभावकारी है।
1. अजवाइन की पोटली का गर्म पैड बनाकर सेक के रूप में प्रयोग (नन्हे शिशुओं के लिए उपयोगी):
 एक बड़ा चम्मच अजवाइन तवे या भारी तली वाले बर्तन पर कुछ मिनट के लिए धीमी आँच पर भून लें| तथा एक साफ मलमल अथवा कॉटन के कपड़ेमें  इस भुनी हुई अजवाइन को डालकर एक पोटली बना ले। इस पोटली से अपने बच्चे की छाती पर सिकाई करें| यह सिकाई सांस के चलने और सिकसिकी चलने या श्वास संबंधी-कष्ट में तुरंत राहत प्रदान करती है। यही प्रयोग सर्दी अथवा बंद नाक खोलने में भी बहुत लाभदायक है| कृपया बच्चे पर प्रयोग करने के  पहेले खुद पर पोटली लगा कर सुनिश्चित करें कि पोटली ज़्यादा गर्म तो  नही है, इस के बाद अपने बच्चे पर इसका इस्तेमाल करे।
Ajwain for Cold and Cough in Babies
2. अजवाइन और लहसुन पोटली का धुआँ / अरोमा (यह उपाय नन्हे शिशु के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है):
2 बड़े लहसुन की कलियाँ और एक बड़ा चम्मच अजवाइन को तवे पर भुन लें| थोड़ा ठंडा होने पर एक साफ मलमल के कपड़े के साथ एक पोटली बना लें| अब इस पोटली को बच्चे के सोने की स्थान या पालने के पास रख दें | पोटली के लहसुन और अजवाइन की सुगंध से व अरोमा से बंद नाक खोलने में मदद मिलती है | यह अरोमा सर्दी में बहुत आराम देता है |
नोट:  बच्चा कहीं मुंह में  न डाले या फिर दम न घुट जाऐ व अन्य ख़तरो से बचने के लिए पोटली को बच्चे के बहुत पास ना रखें  तथा किसी बड़े की मौजूदगी में ही पोटली का प्रयोग कीजिए|
3. अजवाइन के तेल के साथ मालिश- नन्हे शिशु के लिए इस्तेमाल किया जा सकने वाला उपाय  :
अजवाइन के तेल से छोटे शिशु की मालिश , ठंड और सर्दी का मुकाबला करने के लिए एक बढ़िया उपाय  है। जो एक सर्दी निवारक उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है| अजवायन का तेल बनाने के लिए, 1 बड़ा चम्मच अजवाइन को 1 बड़े चम्मच किसी मसाज तेल (तिल / सरसों ) के साथ कुछ सेकेंड्स के लिए गर्म करें और फिर ठंडा होने दें।जब तेल सहने योग्य तापमान पर आ जाय तभी इसे प्रयोग किया जा सकता है |आप इसे शिशु के सीने पर लगाकर धीरे-2 से बच्चे की मालिश करें। अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ के लिए लहसुन की 1-2 कलियाँ भी इस तेल को बनाते वक़्त डाल सकते हैं।
Ajwain for Cold and Cough in Babies4. अजवाइन काढ़ा / हर्बल काढ़े (6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए उपयुक्त):यह उपाय खांसी और सर्दी के लिए एक बहुत ही सरल और प्रभावी नुस्खा है।(Ajwain for cold and cough in babies)यह काढ़ा पाचन समस्याओं का भी निदान करता है|सामग्री:
  • गुड़ – 1/3 कप
  • जल / पानी – 1/2 कप
  • अजवाइन – 1 छोटा चम्मच
  • तुसली के पत्ते – 8-10
  • सूखी अदरक पाउडर / सौंठ -1 / 2 चम्मच (वैकल्पिक)
  • हल्दी – 1/2 छोटा चम्मच
  • लौंग – 1
  • काली मिर्च – 5 नग
विधि:
एक भारी तली के पैन में सभी वस्तुओं को मिला कर 10 मिनट के लिए उबाल लें।
काढ़े को छान लें | अब इस काढ़े को ठंडा करके अपने शिशु को बताई हुई मात्रा में दे सकती हैं|
एक साल से अधिक उम्र के बच्चों को काढ़े में 2 बड़े चम्मच शहद मिला कर भी दे सकती हैं|
खुराक:
6 महीने – 1 वर्ष के लिए : 1 छोटा चम्मच (2 बार भोजन के बाद, सुबह और रात में) 3 दिनों के तक|
1 वर्ष से ऊपर बच्चों के लिए : 1.5 छोटा चम्मच (2 बार भोजन के बाद, सुबह और रात में) 3 दिनों के तक

इस काढ़े को खांसी की दवाई के साथ ना दें| अगर समस्या बनी रहती है / बढ़ती है तो चिकित्सक की सहायता / सलाह ज़रूर लें|
मैं ऐसी उम्मीद करती हूँ कि यह पोस्ट आप सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होगी | टिप्पणी भाग में अपने घरेलू उपचार भी ज़रूर साझा करें , यह समुदाय के लिए उपयोगी हो सकता है।

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1 comment :

  1. दिनांक 27/12/2016 को...
    आप की रचना का लिंक होगा...
    पांच लिंकों का आनंद... https://www.halchalwith5links.blogspot.com पर...
    आप भी इस प्रस्तुति में....
    सादर आमंत्रित हैं...

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