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Tuesday, May 30, 2017

खांसी,जुकाम,एलर्जी, और सर्दी का आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

खांसी,जुकाम,एलर्जी, और सर्दी का आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

सर्दी, खांसी और जुखाम मानवता को सबसे अधिक प्रताड़ित करने वाले रोग हैं, जो वर्ष में कई कई बार जब भी मौसम की संध्याऐं अर्थात मिलान होता है तभी अपना आक्रमण कर देते हैं।इनके साथ खासियत यह भी है कि ये सभी एक ही  परिवार के रोग है अतः एक से परिवार के होने के कारण इनकी औषधियाँ भी लगभग एक सी होती हैं।

आज मैं आपको एसे आसान से नुस्खे यहाँ प्रस्तुत कर  रहा हूँ जिन्हैं आप घर पर ही बनाकर प्रयोग कर सकते हैं और ये सभी योग आयुर्वेदिक होने के कारण आपको कोई  एलोपेथी दवाओं जैसे  साइड इफेक्ट भी नहीं होंगे।

आयुर्वेदिक योग :- खांसी,जुकाम,एलर्जी सर्दी आदि के लिए घरेलूआयुर्वेदिक योग ============


मैं आपको ऐसा आयुर्वेदिक योग बता रहा हूँ जिसे आप घर पर बना सकते हैं, इसके लिए आपको चाहिए

1- तुलसी का काढ़ा  

     निर्माण सामिग्री---- 

तुलसी का काढ़ा  www.ayurvedlight.com

तुलसी का काढ़ा

तुलसी के पत्ते, तना और बीज तीनो का कुल वजन 50 ग्राम इसके लिए आप तुलसी को किल्ली सहित ऊपर से तोड़ लें इसमें बीज, तना और तुलसी के पत्ते तीनो आ जाएंगे इनको एक बर्तन में ले कर इसमें 500 मिली लीटर या आधा लीटर पानी डाल ले और इसमें 100 ग्राम अदरक और 20 ग्राम काली मिर्च दोनों को पीस कर डाले और अच्छे से उबाल कर काढा बनाने रख दें और जब पानी 100 ग्राम रह जाए तो इसे छान कर किसी काँच की बोतल में डाल कर रखे इसमे थोड़ा सा शहद मिला कर आप इसको दो चम्मच  मात्रा में दिन में 3 बार ले सकते है। 


जुकाम के लिए------

 2 चम्मच अजवायन को तवे पर हल्का भूने और फ़िर उसे एक रूमाल या कपडे में बांध ले और पोटली बना ले उस पोटली को नाक से सूंघे और सो जाए.

खांसी के लिए ------ कालीमिर्च व शहद की चटनी का प्रयोग--- 

खांसी के लिए ------ कालीमिर्च व शहद की चटनी का प्रयोग



खांसी के लिए ------ कालीमिर्च व शहद की चटनी का प्रयोग
  • प्रतिदिन में 3 बार हल्के गर्म पानी लेकर उसमें आधा चम्मच सैंधा नमक डाल कर गरारे करें।
  • सुबह उठने के बाद, दोपहर को और रात को सोने से पहले एक चम्मच शहद लेकर उसमें थोड़ी सी पिसी हुई काली मिर्च का पाऊडर डाल कर मिलाकर  चाटें
  • अगर खासी ज्यादा आ रही हो तो 2 साबुत काली मिर्च के दाने और थोडी सी मिश्री मुंह में रख कर चूसे आपको आराम मिलेगा.



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2 comments :

  1. जय मां हाटेशवरी...
    अनेक रचनाएं पढ़ी...
    पर आप की रचना पसंद आयी...
    हम चाहते हैं इसे अधिक से अधिक लोग पढ़ें...
    इस लिये आप की रचना...
    दिनांक 08/11/2016 को
    पांच लिंकों का आनंद
    पर लिंक की गयी है...
    इस प्रस्तुति में आप भी सादर आमंत्रित है।

    ReplyDelete
  2. धन्यबाद श्री कुलदीप जी आपको साइट पर पधारने के लिए भी तथा आपने अपने ब्लाग पर स्थान दिया इसके लिये भी मेरा काम तो आयुर्वेद की सेवा करना है जो मैं कर पा रहा हूँ।

    ReplyDelete

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