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Sunday, October 9, 2016

सदा जवान रहने का फार्मूला- गूलर Fig- keeps us always young

गूलर का फल बनाऐ रखता है हमेशा जवान
                                   Fig- keeps us always young
अंग्रेजी में फिग के नाम से जाना जाने वाला फाईकस जाति का गूलर का पौधा अर्थात पेड़  जो  प्राचीन समय से ही  भारतीय गाँवों  में पूजा के लिए भी प्रयोग किया जाता था यह एक एसी  आयुर्वेदिक औषधि है जो आपको हमेशा जवान अर्थात नव युवा बनाऐ रख सकती है। शोधों के द्वारा यह सावित हुआ है कि भारतीयों के द्वारा हमेशा से प्रयोग में आती रही गूलर अपने आप में एंटी आक्सीडेंट तत्वों को रखती है जिनके कारण
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fig keeps us always young
बुढ़ापा पास नही फटकता है।गूलर का कच्चा फल कसेला व दाह नाशक है जवकि पका हुआ फल मीठा,शीतल,रुचिकारक,पित्त का शमन करने वाला , प्यास को मिटाने वाला तथा थकावट को हरने वाला है।गूलर की जड़ जलन को शान्त करने वाली तथा रक्त स्राव को रोकने वाली होती है। इसके कच्चे फलों की सब्जी बनाई जाती है इसका पका फल अपने अन्दर बहुत मात्रा में जीवित कीड़े रखता है इसी कारण इसे जन्तुफल भी कहा जाता है।इसके पत्ते तोड़ने पर दूध निकलता है जो बहुत ही ताकतवर होता है। यह रंग सुधारने वाला तथा पित्त कफ व रक्त विकारों को दूर करता है जो श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर, अर्थात स्त्रियों के महान खतरनाक रोग सफेद पानी तथा लाल लिकोरिया को दूर करने की अद्भुद सामर्थ्य रखता है।रक्त पित्त व खून की उल्टी को भी दूर करने का गुण रखता है।इसका दूध अद्भुत प्रकार का टानिक है।
सदा जवान रहने का फार्मूला-  गूलर का फल( Fig keeps always young))
गूलर रखे सदा युवा अर्थात नव यौवन अगर चाहो तो खाऔ गूलर का फल तथा दूध


सदा जवान रहने का फार्मूला-  गूलर का फल( Fig keeps always young)
गूलर का फल रखे सदैव युवा अर्थात जवान 
  • मधुमेह अर्थात डायबिटीज़ : ---गूलर को पानी के साथ पीसकर पीने से मधुमेह अर्थात डायबिटीज़ दूर होती है।
  •  दाँतों का दर्द :---गूलर के फलों को पानी में उबाल कर काढ़ा बनाकर लगातार कुछ दिनों तक कुल्ला करने से दाँतों का दर्द दूर हो जाता हैं।
  • मुँह के छाले :--छाले दूर करने के लिए गूलर के पत्तों को पीसकर गोली बना लें इसे चूसते रहें आपके मुँह के छाले निश्चित ही ठीक हो जाऐंगे।
  • मर्दाना कमजोरी:--- अर्थात यौन शक्ति बढ़ाने के लिए प्रतिदिन 20 बूँद गूलर का दूध छुहारों के साथ खाने से शुक्राणुऔं की संख्या में वृद्धि हो जाती है। अर्थात जिन पुरुषों के वीर्य में शुक्राणु या स्पर्म कम संख्या low sperm count में है या हैं ही नही उन्हैं इस योग का प्रयोग करने से निश्चित ही फायदा होगा।
  •  बलगमी अर्थात कफ युक्त खाँसी:--- आपको खाँसी हो गयी है वो भी बलगमी अर्थात कफ भी साथ आता है तो गूलर के दूध को शहद के साथ खाऐं कुछ ही समय में खाँसी ठीक हो जाएगी।
  • पेचिस रोग :--पेचिस रोग में गूलर की कोमल पत्तियों को पीसकर 10 से 15 मिलीलीटर रस निकाल कर पीवे ।
  • वीर्य का पतलापन :---वीर्य का पतलापन दूर करने के लिए गूलर की छाल तथा बरगद की कोपलें बराबर बराबर मात्रा में लेकर तथा दूनी मात्रा में मिश्री मिलाकर दूध के साथ 2 माह तक लेने से वीर्य की कमजोरी दूर हो जाती  हैं।
  • गर्भस्राव :--गूलर की छाल का काढ़ा बनाकर मिश्री मिलाकर रोजाना लें कुछ दिन नीयमित लेने से गर्भस्राव की समस्या Abnormal discharge from Uterus  दूर होती है
  • जलन :--जल जाने पर burning गूलर की पत्तियाँ पीस कर लगाने से जलन दूर हो जाती है।
  •  रक्त स्राव :--रक्त स्रावरक्त स्राव होने पर गूलर की पत्तियाँ पीस कर लगाने से रक्त स्राव दूर हो जाती है।
  • रक्त प्रदर व शीघ्रपतन :--Leucorrhoea या रक्त प्रदर के लिए Spermat-orrhoea अर्थात शीघ्रपतन में एक कप गूलर के पत्तों के रस को रोजाना पीयें।
  • लिवर के रोग व वात विकार व हृदय रोग:---- लिवर के रोग व वात विकार व हृदय रोगमें भी नीयमित गूलर के एक कप रस को प्रतिदिन पीयें।



सदा जवान रहने का फार्मूला- गूलर

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