BREAKING NEWS

Fashion

Wednesday, March 16, 2016

सर्दी जुकाम और आयुर्वेद - बदलते मौसम का एक सामान्य रोग

सर्दी जुकाम और खांसी ये तीनों रोग हमेशा बदलते मौसम के साथ ही समाज को ग्रसित करते हैं। बहुत से लोग तो जुकाम का उपचार ही नही करते हैं।जवकि सर्दी जुकाम हो जाने पर ऐलौपेथी दवाये ज्यादातर साइड इफेक्ट छोड़ती हैं। लीजिये मैं आपके लिए कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे प्रस्तुत कर रहा हूँ आपके सर्दी खाँसी के रोगों में जो बहुत ही कारगर होंगे। बाकी आप अपनी टिप्पणियों अर्थात कमेन्ट्स के द्वारा हमें अवश्य ही सूचित करेंगें इसी आशा के साथ मैं ज्ञानेश कुमार आपको खाँसी का आयुर्वेदिक इलाज प्रस्तुत कर रहा हूँ जिन लोगों को बार- बार खाँसी जुकाम की शिकायत हो जाती है वे लोग जुकाम व सर्दी के इस आयुर्वेदिक इलाजों का प्रयोग करके लाभ उठाऐं तथा आपको अगर इस ब्लाग की पोस्ट पसंद आती हैं तो तुरन्त ही अपना ई मेल डाल दें जिससे आपको हमारे ब्लाग की पोस्टे आते ही पता लग जाऐ।

हमारे ब्लाग को सबस्क्राइब भी कर सकते हैं हमारे कमेन्ट बाक्स में कमेन्ट देकर कृतार्थ करें अगर आपका फेसबुक एकाउण्ट खुला हुआ है तो हमारे फेसबुक  पेज ayurvedlight को लाइक करें तथा फेसबुक पर भी मेरे ब्लाग को पढ़े। 

गंजे सिर पर बाल उगाए, लाज शर्म से मुक्ति पाऐं।

सर्दी जुकाम की आयुर्वेदिक दवा-------

हल्दी मौसमी जुकाम के इलाज में काफी फायदेमंद है। बहती नाक के इलाज के लिए हल्दी को जलाकर इसका धुआं लें, इससे नाक से पानी बहना तेज हो जाएगा व तत्काल आराम मिलेगा। यदि नाक बंद है तो दालचीनी, कालीमिर्च, इलायची और जीरे के बीजों को बराबर मात्रा में लेकर एक सूती कपड़े में बांध लें और इन्हें सूंघें जिससे छींक आएगी। 

जुकाम का देसी इलाज या आयुर्वेदिक इलाज----- 

के लिए 10 ग्राम गेहूं की भूसी, पांच लौंग और कुछ नमक लेकर पानी में मिलाकर इसे उबाल लें और काढ़ा बनाएं। एक कप काढ़ा पीने से लाभ मिलेगा। हालांकि जुकाम आमतौर पर हल्का-फुल्का ही होता है जिसके लक्षण एक हफ्ते या इससे कम समय के लिए रहते हैं, लेकिन खान-पान की आदतों को लेकर हमें काफी सतर्क रहना चाहिए और यदि जुकाम वगैरह के लक्षण दिखाई दे तो समुचित दवाओं आदि से इलाज कराना चाहिए। डिप्थीरिया होने पर अमलतास के काढ़े से गरारा करने पर जबर्दस्त आराम मिलता है। 

तुलसी और अदरक इस मौसम में लाभदायक होते हैं। तुलसी में काफी उपचारी गुण समाए होते हैं, जो जुकाम और फ्लू आदि से बचाव में कारगर हैं। तुलसी की पत्तियां चबाने से कोल्ड और फ्लू दूर रहता है। इसी तरह तुलसी और बांसा की पत्तियां (प्रत्येक 5 ग्राम) पीसकर पानी में मिलाएं और काढ़ा तैयार कर लें। इससे खांसी और दमा में काफी फायदा मिलेगा।

सर्दी खाँसी जुकाम व ऐलर्जी के लिए एक बड़ा ही शानदार उपाय---

खाँसी हो सर्दी हो या फिर ऐलर्जी हो रोगी तो रोगी अपितु घर वाले भी दुःखी हो जाते हैं।अगर आपको ये शिकायतें हैं तो इसके लिए तुलसी के पंचाग(जड़,तना, पत्ती, फल, व फूल 50 ग्राम ले लें इसके लिए आसान तरीका यह है कि पोधे की उपरी किल्लियों को पत्ते व फल तथा मंजरी सहित होता है को ले लें। और  साथ ही 20 ग्राम काली मिर्च तथा 100 ग्राम अदरख को किसी कद्दूकस से निकाल लेे तथा 500 मिलीलीटर पानी
में डालकर बहुत हल्की आग पर तब तक जलाऐ जब तक कि यह केवल 100 ग्राम न रह जाऐं। अब इस 100 ml में से एक ढक्कन लेकर  शहद के साथ दिन में तीन बार लें लें। 

पढ़े --- योनि की खुजली या योनि कण्डुखासी का देसी इलाज,  सुखी खांसी का इलाज,सूखी खांसी का घरेलू उपचार, कफ वाली खांसी खांसी की अचूक दवा, खांसी का  देसी इलाज, बच्चों की खांसी,बलगम वाली खांसी



Share this:

Post a Comment

Sample Text

ध्यान दें-

हमारा उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व में आय़ुर्वेद सम्बंधी ज्ञान को फैलाना है।हम औषधियों व अन्य चिकित्सा पद्धतियों के बारे मे जानकारियां देने में पूर्ण सावधानी वरतते हैं, फिर भी पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी औषधि या पद्धति का प्रयोग किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही करें। सम्पादक या प्रकाशक किसी भी इलाज, पद्धति या लेख के वारे में उत्तरदायी नही हैं।
हम अपने सभी पाठकों से आशा करते हैं कि अगर उनके पास भी आयुर्वेद से जुङी कोई जानकारी है तो आयुर्वेद के प्रकाश को दुनिया के सामने लाने के लिए कम्प्युटर पर वैठें तथा लिख भेजे हमें हमारे पास और यह आपके अपने नाम से ही प्रकाशित किया जाएगा।
जो लेख आपको अच्छा लगे उस पर
कृपया टिप्पणी करना न भूलें आपकी टिप्पणी हमें प्रोत्साहित करने वाली होनी चाहिए।जिससे हम और अच्छा लिख पाऐंगे।
 
Back To Top
Copyright © 2014 The Light Of Ayurveda. Designed by OddThemes | Distributed By Gooyaabi Templates