BREAKING NEWS

Fashion

Sunday, January 6, 2013

स्वपन दोष क्या है ? व इसकी चिकित्सा क्या है?

स्वपन दोष जैसा कि इसके नाम से भी प्रकट होता है कि यह बह लक्षण है जिसमें सोते हुये स्वपन देखते-2  पुरुष का वीर्य स्खलित हो जाता है।
महर्षि चरक के अनुसार ः
स्वपनं मनसः कामासक्तत्वात् शुक्र स्रावमयो दोषाख्यः रोगोरव्यो यः सो हिं स्वपनदोषो भवति।।
अर्थात ः "स्वपन देखते समय मन के कामासक्त हो जाने पर वीर्य का स्राव हो जाना ही स्वपन दोष नामक व्याधि है।"
आयुर्वेदज्ञों ने स्वपन दोष के अनेकों कारण बतलाऐ हैं।सबसे प्रमुख कारण जो बतलाया  गया है  वह है स्त्री चिन्तन और भोग लालसा की अधिकता का होना।अतः इस रोग की समाप्ति के लिए मन की सुचिता सवसे प्रमुख दवा है।इस रोग के अन्य कारणों में है हस्त मैथुन,गुदा मैथुन,और कौष्ठबद्धता (कब्ज),दूषित विचार,अजीर्ण तथा गुदा कृमि की उपस्थिति आदि बहुत से कारण हो सकते हैं।वैसे यह रोग प्रमेह के अन्तर्गत ही आता है इसे स्वपन मेह भी कहा जाता है।और खास बात यह भी है कि प्रमेह चिकित्सा के ज्यादातर योग स्वपन दोष का सार्थक इलाज करते हैं।
अब स्वपन दोष के कुछ योग में दे रहा हूँ ।
वंश लोचन और सत गिलोय 20 20 ग्राम वंग भस्म, प्रवाल भस्म और मुक्ताशुक्ति भस्म 1-1ग्राम लेकर खरल में अत्यन्त महीन कर के रख लें ।
मात्रा - 500मिली ग्राम तक शहद से प्रातः शाय सेबन करने से स्वपन दोष में उष्णता के कारण शु्क्रक्षय ,मूत्र की गड़वड़ी आदि विकार दूर हो जाते हैं। 

Share this:

Post a Comment

Sample Text

ध्यान दें-

हमारा उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व में आय़ुर्वेद सम्बंधी ज्ञान को फैलाना है।हम औषधियों व अन्य चिकित्सा पद्धतियों के बारे मे जानकारियां देने में पूर्ण सावधानी वरतते हैं, फिर भी पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी औषधि या पद्धति का प्रयोग किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही करें। सम्पादक या प्रकाशक किसी भी इलाज, पद्धति या लेख के वारे में उत्तरदायी नही हैं।
हम अपने सभी पाठकों से आशा करते हैं कि अगर उनके पास भी आयुर्वेद से जुङी कोई जानकारी है तो आयुर्वेद के प्रकाश को दुनिया के सामने लाने के लिए कम्प्युटर पर वैठें तथा लिख भेजे हमें हमारे पास और यह आपके अपने नाम से ही प्रकाशित किया जाएगा।
जो लेख आपको अच्छा लगे उस पर
कृपया टिप्पणी करना न भूलें आपकी टिप्पणी हमें प्रोत्साहित करने वाली होनी चाहिए।जिससे हम और अच्छा लिख पाऐंगे।
 
Back To Top
Copyright © 2014 The Light Of Ayurveda. Designed by OddThemes | Distributed By Gooyaabi Templates