BREAKING NEWS

Fashion

Thursday, December 6, 2012

स्तन सुद्रढ़ करने का उपाय

स्त्रियों के कुछ अंग वास्तव में सोन्दर्य के प्रतीक हैं।जैसे स्तन,आंख,नाक आदि।कुछ स्त्रियों के स्तन छोटे होते हैं उनकी उचित वृद्धि नही होती और कभी कभी ये लटक कर या ढीले होकर स्त्री के सोन्दर्य को कम कर देते हैं।जवकि अगर स्त्री के स्तन भरे हुये औऱ पुष्ट हों तो उसके सोन्दर्य में अनुपम वृद्धि होती है।छोटे स्तनों को पुष्ट करने के लिए पोष्टिक आहार व पुष्टिकारक ब्रंहणीय औषधियाँ प्रयोग करने के साथ साथ अश्वगंघा तैल का मसाज नियमित करने से न तो स्तन ढीले होते हैं,और न ही लटकते ही हैं।
कभी कभी अश्वगंधा तेल की रात में एक या दो बार मालिश करके आप यह लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा एक नुस्खा और दे रहा हूँ जिनको इस प्रकार की समस्या है वे प्रयोग कर लाभ उठा सकती हैं।
सामिग्री इस प्रकार है ः-
  • अनार का पंचाग अर्थात जड़, तना,पत्ती,फल व फूल(केवल फल से दाने निकाल कर खा सकते हैं)
  • माजूफल 
  • शतावर
  • छोटी इलायची
  • कमल गटटे की मींग
  • लसोड़े की पत्तियाँ 
सभी औषधीय द्रव्यों को बरावर लेकर बारीक पिसवा लें या महीन पीस लें।फिर आवस्यकतानुसार एक से तीन चम्मच तक लेकर पानी मिलाकर पेस्ट सा बना लें।इसे रोजाना रात को लगाकर सोयें कुछ ही दिनो में स्तन सुद्रण हो जाएगें।रोजाना रात को अश्वगंधा चूर्ण भी 6 से 10 ग्राम की मात्रा में सेवन करते रहें।
इसके अलाबा अनार पंचाग का तेल भी लगा सकते हैं यह बाजार से मिल जाए तो अच्छा अगर न मिले तो अनार पंचाग लेकर सरसों के तेल में पकाकर छान कर रख लें इस तेल के द्वारा 2-3 बार मालिस करने से भी स्तन सुद्रण होगें ।
नोट- स्तनों पर सरसों के इसी तेल से करीब आधा घंटा हल्के हाथ से मालिश करें। नीचे से ऊपर की ओर करें। फिर दस पंद्रह ठंडे पानी की पट्टियां एक के बाद एक रखते रहें। स्तन का आकार बढ़ेगा। नोट - स्तनों की मालिश हमेंशा नीचे से ऊपर की ओर ही करनी चाहिये।

Share this:

2 comments :

  1. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

    ReplyDelete

Sample Text

ध्यान दें-

हमारा उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व में आय़ुर्वेद सम्बंधी ज्ञान को फैलाना है।हम औषधियों व अन्य चिकित्सा पद्धतियों के बारे मे जानकारियां देने में पूर्ण सावधानी वरतते हैं, फिर भी पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी औषधि या पद्धति का प्रयोग किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही करें। सम्पादक या प्रकाशक किसी भी इलाज, पद्धति या लेख के वारे में उत्तरदायी नही हैं।
हम अपने सभी पाठकों से आशा करते हैं कि अगर उनके पास भी आयुर्वेद से जुङी कोई जानकारी है तो आयुर्वेद के प्रकाश को दुनिया के सामने लाने के लिए कम्प्युटर पर वैठें तथा लिख भेजे हमें हमारे पास और यह आपके अपने नाम से ही प्रकाशित किया जाएगा।
जो लेख आपको अच्छा लगे उस पर
कृपया टिप्पणी करना न भूलें आपकी टिप्पणी हमें प्रोत्साहित करने वाली होनी चाहिए।जिससे हम और अच्छा लिख पाऐंगे।
 
Back To Top
Copyright © 2014 The Light Of Ayurveda. Designed by OddThemes | Distributed By Gooyaabi Templates