BREAKING NEWS

Fashion

Tuesday, November 13, 2012

खुलकर हँसना सेहत के लिए तो लाभदायक है ही वढ़ाता है सामाजिक दायरा भी

हँसना वैसे भी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है ही और खुलकर हँसने के तो कहने ही क्या।नये वैज्ञानिक शोधों के अनुसार खुलकर हँसने से उठने बाली गुदगुदी वाली तरंग से एंडोर्फिन नामक हार्मोन निकलता है यह एक प्राकृतिक दर्द निवारक है और यह हार्मोन हमें उत्साही व स्वस्थ बनाए रखने में महत्व पूर्ण भूमिका निभाता है। जो हमें व्यायाम करने के बाद प्राप्त होता है तो क्यों न खुलकर हँसा जाए और व्यायाम किये बिना ही व्यायाम वाला आनन्द लिया जाए।वैसे हम बार बार दवी हुयी हँसी न हँस कर केवल दो बार खुलकर हँसे तो ज्यादा फायदा प्राप्त कर सकते हैं यह कहना विल्कुल सही है कि इतना हमारे शरीर के लिए पर्याप्त है। हँसने से रोग प्रतिरोधक तंत्र मजबूत होता है तनाव से मुक्ति मिलती है।मांसपैशियों को आराम व हृदय की बीमारियों में राहत मिलती है।
हँसने से वैसे तो अनगिनित फायदे हैं किन्तु यहाँ कुछ विशेष को वर्णित कर रहा हूँ।
  • हँसमुख व्यक्ति जीवन में आने वाली चुनौतियों का मुकावला हँसते हसते कर लेता है।
  • हँसने से व्यक्ति के मानसिक स्तर की मजबूती के साथ ही आत्मविश्वास भी वढ़ता है।
  • हँसने से शरीर में निकलने वाला एंडोर्फिन हार्मोन डिप्रेशन,चिन्ता,अवसाद,व चिड़चिड़ेपन से निजात तो दिलाता ही है यह आपके दुःख को भी वहुत कम कर देता है।
  • हँसने का एक लाभ यह भी है कि यह ब्लड प्रेसर को भी नियंत्रित करता है।
  • हँसना शरीर के श्वसन तंत्र,पेट,पीठ व चहरे की मांसपैसियों को चुस्त दुरुस्त करने बाला वढ़िया व्यायाम है।
  • हँसने से शरीर में रक्त संचरण सामान्य होने के साथ ही एब्डॉमिनल मसल्स की एक्सरसाइज भी होती है। हँसी चेहरे पर उम्र का प्रभाव कम करने में भी सहायक है। विशेषज्ञानुसार; नियमित हँसने से हार्ट अटैक का खतरा भी कम हो जाता है। इसलिए दिनचर्या में  प्रतिदिन 15 मिनट हँसना भी शामिल करना चाहिये।
  • यह भरपूर मात्रा में कैलोरी खर्च करने वाला व्यायाम होने के कारण मधुमेह के रोगियों को भी वहुत लाभ पहुँचाता है।इससे मोटापा भी दूर होता है।
  • हँसना जीवन की नीरसता,एकाकीपन,थकान,मानसिक तनाव और शारीरिक दर्दों को भी दूर करने में सहायक है।
  • हँसमुख व्यक्ति अवसाद,मानसिक तनाव,अनिद्रा व नकारात्मक सोच से बचा रह सकता है।
  • इससे कोशिकाओं और अंगों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारु रूप से होती है और यदि कहीं ऑक्सीजन का स्तर कम-ज्यादा है तो हँसने से वह सामान्य हो जाता है।
  • हँसने से मस्तिष्क के दाएँ और बाएँ दोनों भागों की सक्रिय रहते हैं। परिणाम स्वरुप निर्णय क्षमता बढ़ती है और मैमोरी भी शार्प होती है। हँसने से चहरे की ही नही अपितु सम्पूर्ण माँसपेशियों के खिंचाव में आराम मिलता है और शरीर रिलेक्स फील करता है।
  • सबसे बड़ा व दिखाई देने वाला लाभ यह है कि हँसने से सामाजिक दायरा बढ़ता है।आपका लोगो से खुलकर मिलना आगे वढ़कर प्रसन्नता व मुस्कान के साथ गर्म जोशी से बातें करना आपका सामाजिक दायरा वढ़ाने के साथ ही साथ आपका लोगों में क्रेज भी वढ़ाता है।वहीं अगर आप अपने ग्रुप में चुपचाप रहते हैं और लोगों से ज्यादा घुलते-मिलते नहीं हैं तो आपका दायरा सीमित हो जाएगा।
और अन्त में मैं यह कहकर अपनी बातों को विराम दूंगा कि खुशमिजाज व्यक्ति ऑफिस, परिवार और दोस्तों में हर जगह पसंद किया जाता है। सामान्य जन जीवन में आप देखते होगें कि ग्रुप में यदि एक व्यक्ति किसी बात पर हँसता है तो उसे देखकर दूसरे भी हँसने लगते हैं।
   ध्यान दें-   लैकिन हँसते समय इस बात पर जरुर गौर करे कि कभी भी किसी पर कटाक्ष करके हँसी का बहाना न निकाले नही तो हँसी से बड़ा कोई शत्रु भी नही है इस कटाक्ष वाली हँसी ने अनेकों महान युद्ध भी करवा दिये हैं महाभारत का युद्ध इसका परमोत्तम उदाहरण है।जहाँ द्रोपदी की हँसी ने दुर्योधन को  इतना पागल कर दिया कि वह सही गलत का अन्तर भी भूल कर अनाप शनाप पापों व क्रूरकर्मों में सलग्न हो गया तथा द्रोपदी को भरी सभा में नग्न करने के साथ ही दुनिया का सबसे महान विश्वयुद्ध करा दिया।
आज दीपावली का शुभदिन है खूब पटाखे चलाए किन्तु अपने साथ ही अपने बच्चों को अपने साथ रख लें।मिठाइयाँ भी खूव खाए खिलाए।मेरी तरफ से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाऐं।मां लक्ष्मी आपको आपके परिवार को सम्पूर्ण वर्ष सुख सोभाग्य व समृद्धि प्रदान करे ऐसी आशा के साथ आपका अपना 
                          ज्ञानेश कुमार वार्ष्णेय (कृष्ण)

Share this:

Post a Comment

Sample Text

ध्यान दें-

हमारा उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व में आय़ुर्वेद सम्बंधी ज्ञान को फैलाना है।हम औषधियों व अन्य चिकित्सा पद्धतियों के बारे मे जानकारियां देने में पूर्ण सावधानी वरतते हैं, फिर भी पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी औषधि या पद्धति का प्रयोग किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही करें। सम्पादक या प्रकाशक किसी भी इलाज, पद्धति या लेख के वारे में उत्तरदायी नही हैं।
हम अपने सभी पाठकों से आशा करते हैं कि अगर उनके पास भी आयुर्वेद से जुङी कोई जानकारी है तो आयुर्वेद के प्रकाश को दुनिया के सामने लाने के लिए कम्प्युटर पर वैठें तथा लिख भेजे हमें हमारे पास और यह आपके अपने नाम से ही प्रकाशित किया जाएगा।
जो लेख आपको अच्छा लगे उस पर
कृपया टिप्पणी करना न भूलें आपकी टिप्पणी हमें प्रोत्साहित करने वाली होनी चाहिए।जिससे हम और अच्छा लिख पाऐंगे।
 
Back To Top
Copyright © 2014 The Light Of Ayurveda. Designed by OddThemes | Distributed By Gooyaabi Templates