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Monday, October 22, 2012

योनि की खुजली या योनि कण्डु(कण्डू) - रोग के कारण व आयुर्वेदिक उपचार

 योनि या भग में खुजली (कण्डु)- कारण --------

आयुर्वेद जैसा कि अब आप सभी जान चुके हैंकि रोगों के निवारण के लिए पहले कारण का पता लगाना बहुत जरुरी है तो इस योनि के रोग खुजली का भी योग्य महिर्षियों ने शोध के बाद निश्कर्ष निकाला कि

जैसा कि इसका नाम है खुजली तो खुजली पैदा होती है संक्रमण से अर्थात इन्फेक्सन से औऱ यह इन्फैक्सन पैदा होता है गंदगी से यानि सफाई न करने से अगर आप रोजाना अपने शरीर के बाहरी हिस्से की भी सफाई नही करते तो भी आपके खुजली होने लगती है । फिर यह तो वह हिस्सा है जहाँ गंदगी का साम्राज्य होता है तो यहाँ की सफाई तो वहुत ही जरुरी कार्य है । सफाई न होने से बहुत से रोग पैदा होते है जैसे फिरंग,पूयमेह,या उपदंश, आदि यौन रोग रक्त विकार आदि अन्य रोग और इन्ही रोगों के  कारणों से एक नया रोग पैदा हो जाता है जिसका नाम है योनि की खुजली जो देखने में भी बुरी लगती है कोई स्त्री या पुरुष यदि गुप्तागों को सामाजिक परिवेश में खुजा रहा होता है साधारण तया हँसी का पात्र बन जाता है।सफाई के अलाबा और भी कई कारण हैं जिनके कारण योनि में खुजली हो सकती है।जिनमे कब्ज बनी रहना तथा पुरुष साथी को कोई गुप्त रोग यथा उपदंश, फिरंग,या फिर उसके गुप्तांग में संक्रमण का होना आदि और एसे पुरुष से संसर्ग करना भी स्त्री के लिए योनि की खुजली का कारण हो सकता है।




     योनि में फफूँद,बैक्टीरिया आदि भी संक्रमण कर देते हैं ।योनिकी दीबारों से एक प्रकार का एक द्रव या स्राव निकलता है जो लैक्टिक अम्ल मे परिवर्तित होकर योनि को संक्रमण से बचाता है।परन्तु जब इन बैक्टीरियाओं की संख्या ज्यादा हो जाती है तो यह स्राव भी इनसे लड़ते -2 समाप्त हो जाता है फलस्वरुप बैक्टीरिया या फफूँद का प्रकोप बढ़ जाता है।तब योनि के गीली तथा गर्म होने के कारण यहाँ बैक्टीरिया आदि को अपने रहने लायक माहौल मिल जाता है परिणामस्वरुप जलन और जलन को खुजाने के कारण जख्म पैदा हो जाती है।
                             इस रोग में योनि मार्ग में लाल दाने या जलन हो सकती है।वैसे यह रोग आमतौर पर ज्यादातर स्त्रियों को अपने शरीर की सफाई न रखने  से ही होता है।

भग या योनि की खुजली का उपचार- आयुर्वेदिक चिकित्सा

मैं वैसे कई बार कह चुका हूँ कि किसी भी रोग का प्रथमोपचार है उस कारण का निवारण जिसके कारण रोग पैदा हुआ है तो  योनि  की खुजली के उपचार में  भी पहले तो आप सफाई पर विशेष ध्यान दें और उसके अलावा आपका अगर पेट साफ नही रहता है तो पहले पेट साफ रखने के लिए मेरी इसी साइट पर दिये गये लेखों
"अगर परेशान हैं आँखों की रोशनी की समस्या से,तो अब आप इस समस्या से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। "व
 "कब्ज हटाने का एक और उपाय " को पढ़े ।
      आयुर्वेदिक उपचार- 
(1)-नीम की निवोली का रस निकाल कर उसको योनि की दीवारों पर धीरे-2 उंगलियों से मलें।अगर ताजा निबोली न मिल सकें तो सूखी निबोली का चूर्ण बनाकर पानी में मिलाकर निचोड़ कर  भी प्रयोग कर सकते है लैकिन सबसे अच्छा यह रहैगा कि आप नीम का तेल लेकर उसे लगा लें यह हर समय उपलब्ध रहेगा औऱ आसानी से मिल भी सकेगा।
(2)-घर में ताजा दही जमा कर उस दही को योनि में तथा आसपास लगाने से इस रोग में आशातीत लाभ मिलता है।
(3)-गाय का धारोष्ण दूध एक अच्छा बैक्टीरिया नाशक है।ताजा दूध लैकर योनि को धोएं इससे खुजली के कीटाणु नष्ट होंगे तथा रोग ठीक हो जाएगा। 
(4)-हरड़, बहैड़ा,आँवला,नीम,व जमालगोटा की जड़ सब चीजें 100-100 ग्राम ले करजौ जैसा कूट कर किसी डिब्बे में रख लें तथा प्रतिदिन 1 चम्मच रात को 1 गिलास पानी में डाल दें सुबह रात के पानी सहित को चूल्है पर रख कर उवाले जव इसका काढ़ा 1कप  वन जाए तो छान लें इस छने हुए पानी से प्रतिदिन इसी प्रकार वनाकर साफ रुई से या साफ कपड़े से योनि को धोएं लैकिन ध्यान रहै धोकर साफ पानी से धोए विना ही आप 1-2 घण्टा के लिए लेटी रहैं लाभ तभी होगा।इस प्रयोग को रात को सोते समय भी कर सकते है किन्तु ध्यान रहे एसी स्थिति में  चूर्ण भीगने के लिए तब सुबह को ही डालें।और इसके बाद ऱात को धातक्यादि तैल का फाहा योनि में रखकर सो जाने से बहुत ही जल्दी फायदा होगा।

धातक्यादि तैल,योनि की खुजली, योनि या भग की सूजन, योनि से गंदा स्राव  निकलना

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