BREAKING NEWS

Fashion

Wednesday, October 17, 2012

गुणों की खान हल्दी Turmeric- the mine of Qualities


घरों में प्रयोग होने वाली हल्दी को भारतीय समाज में शायद ऐसा कोई भी नही होगा जो न जानता हो और तो औऱ इसके रोगों में प्रयोग को लेकर भी हर घर में न सही तो ज्यादातर घरों की महिलाए अवश्य ही जानती हैं फिर भी इसके प्रयोग इतने अधिक हैं कि शायद कोई भी व्यक्ति एसा नही होगा जो इसके सभी प्रयोगों के बारे में जानता होगा।
मैने अभी दो दिन पहले हल्दी पर एक पोस्ट दी जो लेख मैने साभार श्री रणधीर चौधरी पानीपतिया के फेसबुक एकाउण्ट से लिया था।और इस पर आप लोगो का आवागमन देखकर मैने आपका अधिक प्यार पाने के लिए यह नयी पोस्ट हल्दी पर ही दे रहा हुँ।आशा है आप लोगों को अवश्य पसंद आएगी।
हल्दी कई भयंकर रोगों की रामवाण दवा होने के कारण अनेको रोगों के रोगियों को वरदान है। जैसे मधुमेह में इसका प्रयोग संजीवनी के  समान है।इसके औषधीय गुणों को देखते हुए प्राकृतिक चिकित्सा के ग्रंथो मे इसे चमत्कारी औषधि का दर्जा दिया गया है।आज विज्ञान के चमत्कारों का बोलबाला है अतः कोई भी वस्तु यदि उपयोगी है तभी समाज की उसे मान्यता मिल पाती है फिर इस औषधि के गुणों को देखकर तो अमेरिका का भी ईमान डोल गया और उसने भारतीय औषधि हल्दी का एक बार तो पेटेन्ट ही करा लिया लैकिन धन्यबाद भारतीय वीरों को जिन्हौने अमेरिका को टक्कर ही नही दी अपितु धूल चटा दी और हल्दी का भारतीय पेटेण्ट करा लिया।
 हल्दी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किसी भी उम्र का व्यक्ति चाहें बच्चा बूढ़ा या जवान हो निड़र होकर प्रयोग कर सकता है।और तो और इसे गर्भ वती स्त्रियाँ भी प्रयोग कर सकती हैँ।हल्दी में प्रोटीन, वसा,कार्बोहाइड्रेट,फाइबर,खनिज पदार्थ जैसे मैंगनीज, पोटेशियम,कैल्शियम,फास्फोरस,लोहा,  विटामिन ए, बी, सी के स्रोत तथा ऊर्जा भी पाई जाती है।आधुनिक शोधों के अनुसार हल्दी में कैंसर की कोशिकाओं को मारने की क्षमता है।और तो और मैने http://eeshay.com पर .यह भी पढ़ा कि यह डोमेंशिया या भूलने की बीमारी के इलाज में भी लाभदायक है।हल्दी में एक रसायन‘करक्यूमिन’ पाया जाता है जो गठिया तथा मनोभ्रम या डोमेंशिया यानि की भूलने की बीमारी जैसी बीमारियों के इलाज का महत्वपूर्ण तत्व है। ब्रिटेन के कार्क कैंसर रिसर्च सैण्टर में कैंसर की कोशिकोओं पर किये गये शोध के अनुसार ‘करक्यूमिन’ने 24 घण्टे के भीतर ही कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करना शुरु कर दिया।यह जानकारी ब्रिटिस जरनल आफ कैंसर में प्रकाशित हो चुका है।
आयुर्वेदिक ग्रंथो यथा चरक संहिता आदि ग्रंथो में हल्दी को कुष्ठ रोग,खुजली व विष  को नष्ट करने वाली औषधि  कहा है।आचार्य सुश्रुत के अनुसार सांस रोग, खांसी मिटाने वाली तथा नेत्र राग हर कहा गया है।भोजन पाचक व कुष्ठ व मधुमेह या डायविटीज में प्रभावकारी है


                                                            भारत मे हल्दी बहुत समय पहले से ही दूल्हा व दुल्हन का रुप व सोन्दर्य निखारने के लिए हल्दी चढ़ाने की रस्म निभायी जाती रही है जिसका उद्देश्य इसलिए है कि अगर जोड़े में से किसी को या दोनों को कोई भी चर्म रोग हो तो वह हल्दी से नष्ट हो जाऐ।

                                                           हल्दी पर मैं कुछ समय तक आपको धारावाहिक लेख रुक रुक कर लिखुगाँ आप नियमित आना जारी रखें।क्रमशः---------------------------------------------------












Share this:

Post a Comment

Sample Text

ध्यान दें-

हमारा उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व में आय़ुर्वेद सम्बंधी ज्ञान को फैलाना है।हम औषधियों व अन्य चिकित्सा पद्धतियों के बारे मे जानकारियां देने में पूर्ण सावधानी वरतते हैं, फिर भी पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी औषधि या पद्धति का प्रयोग किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही करें। सम्पादक या प्रकाशक किसी भी इलाज, पद्धति या लेख के वारे में उत्तरदायी नही हैं।
हम अपने सभी पाठकों से आशा करते हैं कि अगर उनके पास भी आयुर्वेद से जुङी कोई जानकारी है तो आयुर्वेद के प्रकाश को दुनिया के सामने लाने के लिए कम्प्युटर पर वैठें तथा लिख भेजे हमें हमारे पास और यह आपके अपने नाम से ही प्रकाशित किया जाएगा।
जो लेख आपको अच्छा लगे उस पर
कृपया टिप्पणी करना न भूलें आपकी टिप्पणी हमें प्रोत्साहित करने वाली होनी चाहिए।जिससे हम और अच्छा लिख पाऐंगे।
 
Back To Top
Copyright © 2014 The Light Of Ayurveda. Designed by OddThemes | Distributed By Gooyaabi Templates