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Sunday, December 25, 2016

खाँसी के लिए अजवाइन के आयुर्वेदिक प्रयोग Ajwain for Cold and Cough in Babies

खाँसी और सर्दी में बच्चों के लिए अजवाइन के चार उपयोगी प्रयोग

एक लोकप्रिय भारतीय मसाला है अजवाइन | बचपन में गंगाजी के किनारे अजवाइन की पूरी अचार के साथ खाना आज भी कई बार याद आता है | यह एक ऐसी औषधि भी है जो बच्चों के लिए सर्दी खाँसी तथा पाचन सम्बन्धी समस्याओं में घरेलू औषधियों के रुप में काम में लायी जा सकती है जिसका उपयोग स्वास्थ्य के लिए वरदान सावित होता है।
 अजवाइन के स्वास्थ्य संबधी प्रयोग और लाभ की जानकारी मुझे अपने पहली डेलिवरी / प्रसव के समय पता चली| मेरी माँ ने भूनी हुआ अजवाइन, सौंफ, सुआ और तिल का क मिश्रण तैयार किया। इस मिश्रण को भोजन के बाद खाया जाता है और यकीन मानिए सीजेरियन प्रसव के बाद मुझे किसी भी प्रकार की पाचन संबंधी समस्या नही हुई| इस मिश्रण से स्तनपान में भी मदद होती है।

 Ajwain for cold and cough in babies................

अजवाइन के बीज रंग में लगभग खाकी भूरे या जैतुनी हरे रंग केमहोते हैं| इनमे एक अपना ही स्वाद और खुश्बू होती है| अजवाइन बीज पाचन और श्वास की समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
 ये बच्चों के लिए एक बचाव अथवा रोग निवारक के रूप में काम मे लाये जाते हैं|

घरेलू उपचार –

बच्चों के लिए खाँसी और सर्दी में अजवाइन के उपयोगी प्रयोग:

 uses of Ajwain for cold and cough in babies


अजवाइन में मौजूद Thymol या थाइमोल इसे रोगाणुओं के लिए प्रतिरोधी गुण प्रदान करने के साथ साथ ही सर्दी और खाँसी को रोकने में भी अत्यधिक प्रभावकारी है।
1. अजवाइन की पोटली का गर्म पैड बनाकर सेक के रूप में प्रयोग (नन्हे शिशुओं के लिए उपयोगी):
 एक बड़ा चम्मच अजवाइन तवे या भारी तली वाले बर्तन पर कुछ मिनट के लिए धीमी आँच पर भून लें| तथा एक साफ मलमल अथवा कॉटन के कपड़ेमें  इस भुनी हुई अजवाइन को डालकर एक पोटली बना ले। इस पोटली से अपने बच्चे की छाती पर सिकाई करें| यह सिकाई सांस के चलने और सिकसिकी चलने या श्वास संबंधी-कष्ट में तुरंत राहत प्रदान करती है। यही प्रयोग सर्दी अथवा बंद नाक खोलने में भी बहुत लाभदायक है| कृपया बच्चे पर प्रयोग करने के  पहेले खुद पर पोटली लगा कर सुनिश्चित करें कि पोटली ज़्यादा गर्म तो  नही है, इस के बाद अपने बच्चे पर इसका इस्तेमाल करे।
Ajwain for Cold and Cough in Babies
2. अजवाइन और लहसुन पोटली का धुआँ / अरोमा (यह उपाय नन्हे शिशु के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है):
2 बड़े लहसुन की कलियाँ और एक बड़ा चम्मच अजवाइन को तवे पर भुन लें| थोड़ा ठंडा होने पर एक साफ मलमल के कपड़े के साथ एक पोटली बना लें| अब इस पोटली को बच्चे के सोने की स्थान या पालने के पास रख दें | पोटली के लहसुन और अजवाइन की सुगंध से व अरोमा से बंद नाक खोलने में मदद मिलती है | यह अरोमा सर्दी में बहुत आराम देता है |
नोट:  बच्चा कहीं मुंह में  न डाले या फिर दम न घुट जाऐ व अन्य ख़तरो से बचने के लिए पोटली को बच्चे के बहुत पास ना रखें  तथा किसी बड़े की मौजूदगी में ही पोटली का प्रयोग कीजिए|
3. अजवाइन के तेल के साथ मालिश- नन्हे शिशु के लिए इस्तेमाल किया जा सकने वाला उपाय  :
अजवाइन के तेल से छोटे शिशु की मालिश , ठंड और सर्दी का मुकाबला करने के लिए एक बढ़िया उपाय  है। जो एक सर्दी निवारक उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है| अजवायन का तेल बनाने के लिए, 1 बड़ा चम्मच अजवाइन को 1 बड़े चम्मच किसी मसाज तेल (तिल / सरसों ) के साथ कुछ सेकेंड्स के लिए गर्म करें और फिर ठंडा होने दें।जब तेल सहने योग्य तापमान पर आ जाय तभी इसे प्रयोग किया जा सकता है |आप इसे शिशु के सीने पर लगाकर धीरे-2 से बच्चे की मालिश करें। अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ के लिए लहसुन की 1-2 कलियाँ भी इस तेल को बनाते वक़्त डाल सकते हैं।
Ajwain for Cold and Cough in Babies4. अजवाइन काढ़ा / हर्बल काढ़े (6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए उपयुक्त):यह उपाय खांसी और सर्दी के लिए एक बहुत ही सरल और प्रभावी नुस्खा है।(Ajwain for cold and cough in babies)यह काढ़ा पाचन समस्याओं का भी निदान करता है|सामग्री:
  • गुड़ – 1/3 कप
  • जल / पानी – 1/2 कप
  • अजवाइन – 1 छोटा चम्मच
  • तुसली के पत्ते – 8-10
  • सूखी अदरक पाउडर / सौंठ -1 / 2 चम्मच (वैकल्पिक)
  • हल्दी – 1/2 छोटा चम्मच
  • लौंग – 1
  • काली मिर्च – 5 नग
विधि:
एक भारी तली के पैन में सभी वस्तुओं को मिला कर 10 मिनट के लिए उबाल लें।
काढ़े को छान लें | अब इस काढ़े को ठंडा करके अपने शिशु को बताई हुई मात्रा में दे सकती हैं|
एक साल से अधिक उम्र के बच्चों को काढ़े में 2 बड़े चम्मच शहद मिला कर भी दे सकती हैं|
खुराक:
6 महीने – 1 वर्ष के लिए : 1 छोटा चम्मच (2 बार भोजन के बाद, सुबह और रात में) 3 दिनों के तक|
1 वर्ष से ऊपर बच्चों के लिए : 1.5 छोटा चम्मच (2 बार भोजन के बाद, सुबह और रात में) 3 दिनों के तक

इस काढ़े को खांसी की दवाई के साथ ना दें| अगर समस्या बनी रहती है / बढ़ती है तो चिकित्सक की सहायता / सलाह ज़रूर लें|
मैं ऐसी उम्मीद करती हूँ कि यह पोस्ट आप सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होगी | टिप्पणी भाग में अपने घरेलू उपचार भी ज़रूर साझा करें , यह समुदाय के लिए उपयोगी हो सकता है।

Sunday, November 6, 2016

खांसी,जुकाम,एलर्जी, और सर्दी का आयुर्वेदिक घरेलू उपचार


खांसी,जुकाम,एलर्जी, और सर्दी का आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

सर्दी, खांसी और जुखाम मानवता को सबसे अधिक प्रताड़ित करने वाले रोग हैं, जो वर्ष में कई कई बार जब भी मौसम की संध्याऐं अर्थात मिलान होता है तभी अपना आक्रमण कर देते हैं।इनके साथ खासियत यह भी है कि ये सभी एक ही  परिवार के रोग है अतः एक से परिवार के होने के कारण इनकी औषधियाँ भी लगभग एक सी होती हैं।

आज मैं आपको एसे आसान से नुस्खे यहाँ प्रस्तुत कर  रहा हूँ जिन्हैं आप घर पर ही बनाकर प्रयोग कर सकते हैं और ये सभी योग आयुर्वेदिक होने के कारण आपको कोई  एलोपेथी दवाओं जैसे  साइड इफेक्ट भी नहीं होंगे।

आयुर्वेदिक योग :- खांसी,जुकाम,एलर्जी सर्दी आदि के लिए घरेलूआयुर्वेदिक योग ============


मैं आपको ऐसा आयुर्वेदिक योग बता रहा हूँ जिसे आप घर पर बना सकते हैं, इसके लिए आपको चाहिए

1- तुलसी का काढ़ा  

     निर्माण सामिग्री---- 

तुलसी के पत्ते, तना और बीज तीनो का कुल वजन 50 ग्राम इसके लिए आप तुलसी को किल्ली सहित ऊपर से तोड़ लें इसमें बीज, तना और तुलसी के पत्ते तीनो आ जाएंगे इनको एक बर्तन में ले कर इसमें 500 मिली लीटर या आधा लीटर पानी डाल ले और इसमें 100 ग्राम अदरक और 20 ग्राम काली मिर्च दोनों को पीस कर डाले और अच्छे से उबाल कर काढा बनाने रख दें और जब पानी 100 ग्राम रह जाए तो इसे छान कर किसी काँच की बोतल में डाल कर रखे इसमे थोड़ा सा शहद मिला कर आप इसको दो चम्मच  मात्रा में दिन में 3 बार ले सकते है। 


जुकाम के लिए------

 2 चम्मच अजवायन को तवे पर हल्का भूने और फ़िर उसे एक रूमाल या कपडे में बांध ले और पोटली बना ले उस पोटली को नाक से सूंघे और सो जाए.

खांसी के लिए ------ कालीमिर्च व शहद की चटनी का प्रयोग--- 


  • प्रतिदिन में 3 बार हल्के गर्म पानी लेकर उसमें आधा चम्मच सैंधा नमक डाल कर गरारे करें।
  • सुबह उठने के बाद, दोपहर को और रात को सोने से पहले एक चम्मच शहद लेकर उसमें थोड़ी सी पिसी हुई काली मिर्च का पाऊडर डाल कर मिलाकर  चाटें
  • अगर खासी ज्यादा आ रही हो तो 2 साबुत काली मिर्च के दाने और थोडी सी मिश्री मुंह में रख कर चूसे आपको आराम मिलेगा.


गले की खराश, इन्फेक्सन,गला बैठना तथा पानी पीने में तकलीफ होना का आयुर्वेदिक इलाज---

गले की खराश, या गले मे किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन हो, गला बैठ गया है, पानी पीने मे भी तकलीफ हो रही है, लार निगलने मे भी तकलीफ हो रही है, आवाज भारी हो गयी है,इन सबके लिए 
एक ग्लास देशी गाय का दूध,एक चम्मच देशी गाय का घी और चौथाई चम्मच हल्दी को मिलाकर कुछ देर उबाल लेकर फिर उसको घूँट घूँट करके चाय की तरह शाम को एकबार पीना है ।

                    कई बार निम्न विषम परिस्थितियाँ पैदा हो जाती हैं 



  1. हम जब खाँसते-खाँसते परेशान हो जाते हैं। और कोई दवा जब काम नहीं करती हो। 
  2. महिलाओं के लिए गर्भावस्था में एलोपैथिक दवाओं को लेना निरापद नहीं माना गया ह
  3. वहीं शल्य-चिकित्सा कराने वाले रोगियों के लिए ज्यादा देर तक खाँसना बिल्कुल भी ठीक नहीं होता है।और गले में खँरास खिच-खिच होती हो।
ऐसे में एक आसान औषधि जो सरल भी है सुगम भी है और अनुभूत है




प्रस्तुत है खांसी की अचूक आयुर्वेदिक औषधि :-
दालचीनी- थोड़ी मात्रा( लगभग एक ग्राम ) व शहद- आधा चम्मच

प्रयोग विधि;--
========

दालचीनी (पूरी तरह पीसकर पाउडर बनी हुयीं) बायीं हाथ की हथेली पर लेकर उसमें आधा चम्मच शहद लेकर उसके ऊपर दालचीनी (दो चुटकी भर) डालें और दायें हाथ की अंगुली से अच्छी तरह मिलाएं और उसे चाट जाएं।

परिणाम;--
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* दो से तीन मिनट में खांसी जाती रहेगी। दोबारा खांसी हो तो इस प्रयोग को दोबारा आजमा सकते हैं।

* अगर दही खाते है तो उसे बंद करदे और रात को सोते समय दूध न पिए

* तुलसी, काली मिर्च और अदरक की चाय खांसी में सबसे बढि़या रहती हैं।

* हींग, त्रिफला, मुलहठी और मिश्री को नीबू के रस में मिलाकर लेने से खांसी कम करने में मदद मिलती है।

* पीपली, काली मिर्च, सौंठ और मुलहठी का चूर्ण बनाकर चौथाई चम्मच शहद के साथ लेना अच्छा रहता है।

दोहों में आयुर्वेद--- खाँसी और जुकाम का घरेलू उपचार

खाँसी और जुकाम का घरेलू उपचार

1.आधा चम्मच पान रस, मधु एक चम्मच संग।
मिला मिलाकर चाटिये, करे जो खाँसी तंग।।
2. अदरक रस के संग में,शहद मिलाकर चाट।
बहुत पुरानी यह दवा, खाँसी को दे काट।।
3. सम भाग में मिला लो, सोंठ,इलायची चूर्ण।
कफ की खाँसी दूर हो, शहद मिलाकर पूर्ण।।
4.एक चुटकी काली मिर्च, चूर्ण गुड़ संग खाय।
खाँसी से आराम हो , निश्चित ही पा जाय।।
5.पिसी हुई कालीमिर्च, घी के संग मिलाय।
सूखी खाँसी दूर हो, यदि रोगी यह खाय।।
6.तुलसी कालीमिर्च को, मिला बनाओ चाय।
खाँसी खुर्रा दूर हो, जुकाम दूर भग जाय।।
7. लेकर कालीमिर्च दस, गर्म दूध में डाल।
मिश्री के संग पीजिये, जुकाम मिटे तत्काल।।
8.गुदा में कड़वे तेल को, यदि चुपड़े भरपूर।
या नारायण तेल को, बातज खाँसी दूर।।
9. मिश्री को सोते समय संग मलाई खात ।
सूखी खाँसी मिट चले, मिश्री मक्खन प्रात।।
10. मधु, मिश्री और’ दाख को लेकर दस दस ग्राम।
चटनी इन सबकी करे पित्तज कास विराम ।।
11. कमल बीज का रेत सम , चूरण माशा तीन।
शहद संग में करत है, पित्तज खाँसी हीन।।
12.गुड़ और काली मिर्चा मिला, करें दही का पान।
प्रतिश्याय, पीनस मिटे, रहे न नाम निशान।।
बलगम वाली खांसी, खांसी की अचूक दवा,कफ वाली खांसी,खांसी की दवा,सुखी खांसी का इलाज, खांसी का देसी इलाज
सूखी खांसी का घरेलू उपचार

खाँसी के लिए अजवाइन के आयुर्वेदिक प्रयोग

Ajwain for Cold and Cough in Babies (खाँसी और सर्दी में बच्चों के लिए अजवाइन के चार उपयोगी प्रयोग)

अजवाइन एक लोकप्रिय भारतीय मसाला है| बचपन में मुझे अजवाइन की पूरी बहुत पसंद थी | अजवाइन के स्वास्थ्य संबधी प्रयोग और लाभ की जानकारी मुझे अपने पहली डेलिवरी / प्रसव के समय पता चली| मेरी माँ ने भूनी हुआ अजवाइन, सौंफ, सुआ और तिल का एक मिश्रण तैयार किया। इस मिश्रण को भोजन के बाद खाया जाता है और यकीन मानिए सीजेरियन प्रसव के बाद मुझे किसी भी प्रकार की पाचन संबंधी समस्या नही हुई| इस मिश्रण से स्तनपान में भी मदद होती है। ajwain for cold and cough in babiesअजवाइन के बीज रंग में लगभग खाकी भूरे या जैतुनी हरे रंग के होते हैं| इनमे एक अपना ही स्वाद और खुश्बू होती है| अजवाइन बीज पाचन और सांस की समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
आज की पोस्ट में, मैं शिशुओं, बच्चों और सभी के लिए सर्दी और खाँसी के घरेलू उपचार साझा कर रही हूँ| Ajwain for Cold and Cough in Babies ये उपाय बहुत सुरक्षित और काम के हैं| मैं इन्हे अपने बच्चों के लिए एक बचाव अथवा निवारक के रूप में काम मे लाती हूँ|

घरेलू उपचार – खाँसी और सर्दी में अजवाइन के उपयोगी प्रयोग: 4 uses of ajwain for cold and cough in babies


अजवाइन में मौजूद thymol / थायमोल इसे रोगाणुरोधी गुण देता है और सर्दी और खाँसी में राहत देने में मदद करता है।
1. गर्म पैड / सेक के रूप में अजवाइन की पोटली (यह उपाय नन्हे शिशु के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है):
कुछ मिनट के लिए एक तवा या भारी तली वाले बर्तन पर अजवाइन के 2 बड़े चम्मच ले और उन्हे कम आँच पर भुन लें| एक साफ मलमल अथवा कॉटेन के कपड़े में भुना हुआ अजवाइन डालकर एक पोटली बना ले। इस पोटली से अपने बच्चे की छाती पर सेक करें| यह सिकाई से सांस चलने और श्वास-कष्ट में तुरंत राहत मिलती है। यह सर्दी अथवा बंद नाक खोलने में भी बहुत लाभदायक है| कृपया पहेले खुद पर पोटली लगा कर सुनिश्चित करें कि पोटली ज़्यादा गर्म नही है, इस के बाद अपने बच्चे पर इसका इस्तेमाल करे। Ajwain for Cold and Cough in Babies
2. अजवाइन और लहसुन पोटली का धुआँ / अरोमा (यह उपाय नन्हे शिशु के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है):
2 बड़े लहसुन की कलियाँ और एक बड़ा चम्मच अजवाइन को तवे पर भुन लें| थोड़ा ठंडा होने पर एक साफ मलमल के कपड़े के साथ एक पोटली बना लें| अब इस पोटली को बच्चे क़ी सोने की स्थान / पालने के पास रख दें | पोटली से लहसुन और अजवाइन की सुगंध / अरोमा से बंद नाक खोलने में मदद मिलती है | यह अरोमा सर्दी में बहुत आराम देता है |
नोट: मुंह में डालने / दम घुटने की / अन्य ख़तरो से बचने के लिए पोटली को बच्चे के बहुत पास ना रखें|किसी बड़े की मौजूदगी में ही पोटली का प्रयोग कीजिए|
3. अजवाइन के तेल के साथ मालिश (यह उपाय नन्हे शिशु के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है):
अजवाइन के तेल के साथ छोटे शिशु की मालिश , ठंड और सर्दी का मुकाबला करने के लिए एक बढ़िया तरीका है। इस उपाय को एक निवारक उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है| तेल बनाने के लिए, 1 बड़ा चम्मच अजवाइन को 1 बड़े चम्मच मसाज तेल (तिल / सरसों ) के साथ कुछ सेकेंड्स के लिए गर्म करें और फिर ठंडा होने दे |जब तेल सहने योग्य तापमान पर आ जाय तो इसे प्रयोग में लाया जा सकता है |आप इसे शिशु की सीने पर लगायें और धीरे से बच्चे की मालिश करें| अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ के लिए लहसुन की 1-2 कलियाँ भी इस तेल को बनाते वक़्त डाल सकते हैं। Ajwain for Cold and Cough in Babies
4. अजवाइन काढ़ा / हर्बल काढ़े (6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए उपयुक्त):
यह उपाय खांसी और सर्दी के लिए एक बहुत ही सरल और प्रभावी नुस्खा है।(Ajwain for cold and cough in babies)
यह काढ़ा पाचन समस्याओं का भी निदान करता है|
सामग्री:
  • गुड़ – 1/3 कप
  • जल / पानी – 1/2 कप
  • अजवाइन – 1 छोटा चम्मच
  • तुसली के पत्ते – 8-10
  • सूखी अदरक पाउडर / सौंठ -1 / 2 चम्मच (वैकल्पिक)
  • हल्दी – 1/2 छोटा चम्मच
  • लौंग – 1
  • काली मिर्च – 5 नग
विधि:
एक भारी तली के पैन में सभी वस्तुओं को मिला कर 10 मिनट के लिए उबाल लें।
काढ़े को छान लें | अब इस काढ़े को ठंडा करके अपने शिशु को बताई हुई मात्रा में दे सकती हैं|
एक साल से अधिक उम्र के बच्चों को काढ़े में 2 बड़े चम्मच शहद मिला कर भी दे सकती हैं|
खुराक:
6 महीने – 1 वर्ष के लिए : 1 छोटा चम्मच (2 बार भोजन के बाद, सुबह और रात में) 3 दिनों के तक|
1 वर्ष से ऊपर बच्चों के लिए : 1.5 छोटा चम्मच (2 बार भोजन के बाद, सुबह और रात में) 3 दिनों के तक
इस काढ़े को खांसी की दवाई के साथ ना दें| अगर समस्या बनी रहती है / बढ़ती है तो चिकित्सक की सहायता / सलाह ज़रूर लें|
मैं ऐसी उम्मीद करती हूँ कि यह पोस्ट आप सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होगी | टिप्पणी भाग में अपने घरेलू उपचार भी ज़रूर साझा करें , यह समुदाय के लिए उपयोगी हो सकता है।

Saturday, November 5, 2016

बालों को कुदरती काला करने का सरल सुगम व घरेलू फार्मूला best easy tips to increase hair volume naturally

बालों को कुदरती काला करने का सरल सुगम व घरेलू फार्मूला Hair fall solution in hindi 

Hair Care Tips In Hindi (बालों को लम्बा और घना बनाए - घरेलू उपचार )

Hair fall solution in hindi ----

आयुर्वेद में व्यक्ति के जीवन से जुड़ूी हर समस्या का इलाज मौजूद है किन्तु जल्दवाजी के चक्कर में हम बेकार की चीजें इस्तेमाल करते हैं और रोग तो ठीक नही होता किन्तु हाँ शरीर जरुर वेकार कर लेते हैं। आज मैं स्त्री व पुरुषों से जुड़ी सामान्य प्रोव्लम का इलाज बताने जा रहा हूँ और इसका उपयोग करके आप निश्चित ही इस समस्या को दूर कर पायेगें।

हर लड़की या लड़के की ख्वाहिश होती है कि उसके घने और चमकदार बाल हों। लेकिन आजकल का प्रदूषण युक्त माहौल तथा रसायनिक उत्पाद बालों का बुरा हाल कर रहे हैं, और इस कारण से हमारे बाल रूखे-सूखे बेजान नजर आते हैं। वहीं टूट कर गिरते भी हैं। इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए हम प्रस्तुत कर रहे हैं एक आसान और छोटा सा फार्मूला अर्थात नुस्खा। जिसे अपनाकर आप अपने बालों को मजबूत और सुंदर बना सकते हैं।

बाल को सुंदर और घने बनाने के लिए आंवले का करें प्रयोग

आंवला आयुर्वेद में बहुत प्रसिद्ध औषधि है  और आजकल बाजारों में यह खूव आ भी रहा है ,यह न सिर्फ सिर्फ आपके बालों को सुंदर बनाएगा अपितु  आपके शरीर की हर तकलीफ को दूर करने में सहयोग भी करेगा ये आंवला। आंवला,आयु को बढ़ाने वाला, बुढ़ापे को रोकने वाला आयुर्वेदिक औषधि है। आयुर्वेद साक्षी है कि महर्षि च्यवन ने अपनी  परम वृद्धावस्था को आँवले से बने च्यवनप्रास को खाकर समाप्त किया था।यह आँवला इसी च्यवन प्रास का प्रमुख औषधि द्रव्य है।

Hair fall solution in hindi ----

अगर आप बालों की समस्या से परेशान हैं।---

जिन लोगों को बालों की समस्याऐं दूर करने का मन हो वह पहले तो शैंपू से परहेज करें।क्योंकि शैम्पू में हानिकारक केमिकल्स होते हैं।जो न सिर्फ बालों को नुकसान ही नहीं पहुंचाते बल्कि इसके अधिक प्रयोग से इन शैंपू में मौजूद रसायन और कैमिकल्सआँखों के लिए भी नुकसान पहुँचाते हैं। अतः हमें कैंमिकल युक्‍त शैंपू और पाउडर के इस्तेमाल से बचना चाहिए। 

औषधि निर्माण-----

आंवला, शिकाकाई, रीठा और भृंगराज को पहले अलग- अलग बारीक कूट कर पीस लिया जाऐं फिर कपड़छन करके बरावर मात्रा में मिला लें  किसी लोहे के बर्तन में भर लें अब इसमें आँवले का रस इतना डाले कि यह पूरी तरह न भीगे बूरा सा ही रहे तथा छाया में ही सुखा लें ।इसके बाद पुनः भृंगराज का काड़ाबना कर इसमें आँवले के रस की तरह ही मिला कर सुखा ले और सुरक्षित रख लें। 

प्रयोग करने का तरीका--

इस  पाउडर को 2 चम्मच लेकर रात को लोहे की कढ़ाई डाल दें और एक गिलास पानी लेकर भिगोने रख दें सुबह इसे पकाएें और इसका पेस्ट बनने पर बालों में लगाएं। इस पेस्ट को सूखने तक लगा रहने दें फिर धो लें।
कुछ देर बाद सिर धो ले तो इससे आपके बाल हो जाएंगे घने काले व सुन्दर। इस पाउडर को केश निखार पाउडर या शुद्ध जड़ी-बूटियों का पाउडर भी कहा जाता है। इस नुस्खे से बालों को झड़ने, और टूटने से लेकर बालों की हर समस्या का निजात हो सकता है। आंवले की गुठली और बाहरी हिस्से को निकालकर पीसकर यदि बालों पर लगाते हैं तो बालों को फायदा होगा।

केश निखार पाउडर , शुद्ध जड़ी-बूटियों का बालों का पाउडर, आँवला रीठा शिकाकाई व भृंगराज का पाउडर,बाल काले करने का तेल,बाल काले करने का आयुर्वेदिक उपाय,दाढ़ी के सफेद बाल,सफेद बालों से छुटकारा,बाल सफेद होने के कारण, दाढी मे सफ़ेद बाल,सफेद बालो का उपचार,

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Wednesday, November 2, 2016

सेक्स की इच्छा कम क्यों हो रही है जाने आप खुद

मूड नहीं है आज सेक्स का!
मूड न होने के लिए शायद आप तनाव, थकान, नींद पूरी न होने को दोष देते होंगे, लेकिन जनाब एक और चीज है जो इसका कारण हो सकती है। सेक्स की इच्छा न होने का कारण आपकी खाने की प्लेट भी हो सकती है। एक रीसर्च में यह सामने आया है कि खाने-पीने की कुछ चीजें आपके हॉर्मोनल लेवल पर असर डालते हैं। तो, अगली बार आप क्या खा रहे हैं, इसपर ध्यान जरूर दीजिए। आइए जानते है 14 ऐसे फूड्स के बारे में जो आपकी सेक्स की इच्छा को कम करते हैं...



कोला :-- आपको ऐसा लगता है कि कोला के बगैर आपकी मील पूरी नहीं हो सकती? आपको कोला की आदत के बारे में सोचने की जरूरत है क्योंकि कोला से प्रेम करेंगे तो आपको जल्द अपनी सेक्स लाइफ को टाटा करना होगा। कोला में आर्टिफिशल स्वीटनर्स होते हैं जो सेरोटॉनिन लेवल को प्रभावित करते हैं। सेरोटॉनिन हैपी हॉर्मोन होता है और कई रीसर्चों की मानें तो इसका संबंध सेक्स की इच्छा से होता है।


ऐल्कॉहॉल : ज्यादा शराब पीने से लिवर खराब हो सकता है, यह तो हम सब जानते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि लिवर हॉर्मोन मेटाबलाइजिंग का काम करता है? अगर लिवर कमजोर होता है तो जाहिर है कि ऐंड्रोजेन ऑस्ट्रोजन में तब्दील कर देता है और सेक्स की इच्छा कम होती जाती है। रीसर्चरों के मुताबिक, ऐल्कॉहॉल का ज्यादा सेवन करने से पुरुषों को स्खलन मेनटेन करने में समस्या आ सकती है। और चूंकि, ऐल्कॉहॉल महिलाओं पर भी बुरा असर डालता है, उन्हें भी इसका कम से कम सेवन करना चाहिए। ऐल्कॉहॉल महिलाओं में फर्टिलिटी पर असर डालता है। शराब पीकर ड्राइव न करें, यह तो आपने सुना होगा। लेकिन, अब यह भी याद रखें कि शराब न पीएं और बेहतर कामेच्छा की उम्मीद करें।


प्रोसेस्ड फूड : कुकीज, बिस्किट्स का ज्यादा सेवन भी सेक्स ड्राइव पर बुरा असर डालता है। सिर्फ यही नहीं, सभी तरह के प्रोसेस्ड फूड सेक्स की इच्छा को कम करते हैं। दरअसल, प्रॉसेसिंग में इस्तेमाल की जाने वाली स्ट्रिप्स पोषक तत्वों को खत्म कर देती हैं, इनमें वे न्यूट्रिएंट्स भी हैं जो सेक्स की इच्छा बढ़ाते हैं। उदाहरण के तौर पर जब गेहूं को प्रॉसेस कर आटा बनाया जाता है तो इसमें व्याप्त जिंक की तीन-चौथाई मात्रा खत्म हो जाती है जो सेक्स ड्राइव के लिए महत्वपूर्ण मिनरल है।


ट्रांस फैट : इसमें हैरानी की बात नहीं कि कन्फेक्शनरी इंडस्ट्री दावा करती है कि उसके प्रॉडक्ट्स में मैदा और ट्रांस फैट्स नहीं है। लेकिन, अगर आपकी आर्टरीज ब्लॉक हो जाती हैं तो आपके सेक्सुअल ऑर्गन्स में भी खून का प्रवाह बाधित हो जाता है। लेकिन, ट्रांस फैट्स वाली चीजें खाने से एक तो मौत आपको जल्द बुला सकती है और दूसरे आपकी सेक्स ड्राइव भी कम हो सकती है। ट्रांस फैट्स वेजिटेबल ऑयल में हाइड्रोजन मिलाकर तैयार किया जाता है।
शुगर : भले ही आप चाय-कॉफी में चीनी नहीं लेते हों, लेकिन ज्यादातर फूड आइटम्स में शुगर छिपी होती है। ब्लड शुगर बढ़ने से आपकी सेक्स की इच्छा में कमी आती है।
प्लास्टिक बॉटल : हम तो यही कहेंगे कि आप प्लास्टिक की फालतू बोतलों को फेंक दें। बोतलबंद पानी से नहीं, बल्कि बोतलें परेशानी की जड़ हैं। प्लास्टिक की बोतलों और बाकी कन्टेनर्स में बिसफिनल ए(बीपीए) नाम का केमिकल कॉम्पोनेंट पाया जाता है जो पुरुषों और महिलाओं दोनों की फर्टिलिटी को प्रभावित करते हैं।


चुकंदर : चुकंदर में वैसे तो बहुत से पोषक तत्व होते हैं लेकिन अगर आपके टेस्टोस्टरोन लेवल पहले ही कम है तो चुकंदर कम खाइए। हम तो यही कहेंगे कि डॉक्टर से सलाह ले लीजिए।
कैन्ड फूड : कैन्ड फूड को तैयार करना बहुत आसान होता है। लेकिन, कैन्ड सूप और बाकी के फूड्स में डायटरी सोडियम का लेवल काफी ज्यादा होता है जो ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और शरीर के कई हिस्सों में ब्लड-फ्लो कम करता है। अगली बार जब आपको टमाटर का सूप पीने का दिल करे तो समय निकालकर खुद ही बनाइए, कैन्ड से तौबा कीजिए।


कॉफी : हां, कॉफी का प्याला आपको अलर्ट करने के साथ आपकी नींद भगाता है। लेकिन, अगर कॉफी पीने के बाद आपको फ्रेश फील नहीं होता, चिंतित होते हैं तो इसका मतलब यह है कि कैफेन बेड पर आपकी परफॉर्मेंस पर भी असर डाल सकती है। बेचैनी आपकी सेक्स ड्राइव घटा सकती है।
मसालेदार खाना : डियर लेडीज! आप मसालेदार करी और अचार की शौकीन हैं? हमारी सलाह है कि इन चीजों का सेवन थोड़ा कम कर दें। खुशबुदार और मसालेदार खाना आपके प्राइवेट पार्ट की स्मेल पर असर डालता है। यह बदलाव लाने वाले आइटम्स की लिस्ट में मसालेदार और खुशबुदार खाना ही नहीं बल्कि कॉफी, प्याज, लहसुन भी शामिल हैं। अपनी डायट में साबुत अनाज, ताजे फल औल सब्जियां शामिल करें।


ब्रॉकली, गोभी : अरे-अरे ब्रॉकली, फूलगोभी, पत्तागोभी को अपनी सब्जियों की टोकरी से तुरंत न हटाएं। ये सेक्स ड्राइव कम नहीं करतीं बल्कि सीमेन, पसीना, यूरिन और सांसों की स्मेल असर डालती हैं। दरअसल, ये चीजें डाइजेस्ट होने में वक्त लेती हैं, तब तक डाइजेस्ट नहीं होतीं जब तक बड़ी आंत तक नहीं पहुंच जातीं और गैस पैदा करती हैं। हमारी सलाह यही है की सावधान रहें, इन्हें खाएं पर समय का ध्यान रखें।
दवाइयां : डिप्रेशन की दवाएं, हॉर्मोनल संतुलन की पिल्स, गर्भ निरोधक गोलियां आदि सेक्स लाइफ पर असर डालती हैं, कामेच्छा कम कर देती हैं। आप ये दवाएं लेते हैं और सेक्स ड्राइव में कमी महसूस कर रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह लें।


शतावर : शतावर एक प्रकार का साग होता है, खाने में बहुत स्वादिष्ट लगता है लेकिन इसे खाने के बाद आपके यूरिन से बहुत खराब स्मेल आती है।
चॉकलेट : आपने सुना होगा कि चॉकलेट सेक्स ड्राइव बढ़ाने का काम करती है। आपने सही सुना है, लेकिन पूरा नहीं सुना। कुछ चॉकलेट्स ऐसी होती हैं जो टेस्टोस्टरोन लेवल लेवल पर नकारात्मक असर डालती हैं। तो, सही चॉकलेट चुनें। डार्क चॉकलेट आपकी सेक्स ड्राइव बढ़ाने में हेल्प करेगी।

जाने क्या है फोरप्ले (foreplay) और कैसे करता है यह आपके पार्टनर को खुश

प्यार भरा संबंध स्थापित करने के पहले संभोग पूर्व क्रीड़ा की भूमिका अहम् होती है। यही क्रीड़ा सेक्स की भाषा में foreplay कहलाती है, क्योंकि हमसफर को संभोग के चरम अवस्था में लाने के लिए यह क्रीड़ा ज़रूरी होता है।यही क्रीड़ा मिलन की नीरसता को मिटाकर उसमें जान डाल देती है। इसके द्वारा ही नर और नारी  के बीच शारीरिक मिलन  मधुरतम हो पाता है। अगर यह न हो तो सब कुछ यंत्रवत होता रहे और उसमें किसी प्रकार का आनन्द ही न आये।इसी कारण जो लोग फोरप्ले को महत्व नही देते उनकी जीवन नैया नीरसता से भँवर के पार होती है जीवन में कोई आनन्द ही महसूस नही करते हैं।
 फोरप्ले के लिए कोई निर्धारित समय नही होता निर्धारित स्थान भी नही हाँ अगर कुछ निर्धारित है तो वह है धैर्य वह भी जब तक कि जब तक आपका हमसफर शारीरिक और मानसिक रूप से इस मिलन के लिए तैयार न हो जाय। फोरप्ले की शुरुआत आप  अपने हमसफर के साथ प्यार भरी बातों के साथ करके कर सकते हैं।जिसमें उनके रूप और गुण की प्रशंसा हो सकती है। आपका पार्टनर किस प्रकार की क्रीड़ा पसंद करती है यह आप उसी से पूँछ सकते हैं,तथा उससे छेड़-छाड़ कर सकते हैं। आपका प्यार भरा स्पर्श, संवेदनशील स्थानों पर मालिश आदि  उसकी कामोत्तेजना को बढ़ा देता है आप वह सब कुछ इसमें कर सकते हैं जिससे कि वह मिलन के लिए तैयार हो जाऐ। आप उसको खुश करने के लिए मधुर गाना सुनाते हुए प्यार भरी बातों के साथ उनके मन को मिलन के लिए तैयारकर सकते हैं। सारांश में यह ही कहना है आपकी पत्नी के लिए आपकी जो भी क्रीड़ा उसे इस मिलन के लिए तैयार करने में मददगार साबित हो वही यहाँ फोरप्ले के रुप में आयेगा।जैसे


1- उंगलियों से अठखेलियां- हाथों व पैरों की उँगलियाँ स्त्री शरीर की वह संरचना है जिसे प्यार से छूकर सहलाकर आप उसे उत्तेजित कर सकते हैं।वैसे बहुत से लोग अभी तक केवल स्त्री की हाथों की उँगलियों को ही सहलाकर उत्तेजित करते रहैं हैं किन्तु आप यदि पैरों की उँगलियाँ भी सहलाऐंगे तो पायेंगे कि ये भी उत्तेजना बढ़ाने का कारगर औजार है।आप जब भी अपने यौन साथी के साथ हों तो उसके हाथों व पैरों की उँगलियों को सहलाकर उसे उद्दीपित करें फिर देखें कितना मजा आता है। अब आपको रोमांस का नया अनुभव प्राप्त होगा।
यह इस प्रकार हो सकता है जैसे---
हाथों की उंगलियों की तरह पैरों की उंगलियों में लचीलापन कम होता है। उंगलियों से अठखेलियां करते वक्‍त पैरों के उंगलियों के लचीलेपन को देखिये। आप कहिये कि आपने बेहतर किया, फिर वो कहें कि उन्‍होंने बेहतर किया। प्‍यार भरी इस टकरार के बीच एक-दूजे की बाहों में समां जायें और फिर अंतिम चरम तक जायें।
हाथों को चूमें -- अपने जीवन साथी के साथ जब आप रोमांस में हों तो उसके हाथों को अपने हाथों में लेकर चूमें इससे उसे एक अलग प्रकार की अनुभूति होती है।इस चूमने की क्रिया से पति पत्नी या प्रेमी प्रेमिका में प्रेम व अपनेपन की भावना बढ़ती है।इसे और आगे बढ़ाते हुये आप अपनी प्रेमिका या पत्नी के समस्त अंगों का चुम्बन ले सकते हैं जिसमें आपको कोई छिछक नही होनी चाहिये।आप इस चूमने की शुरुआत शरीर के नीचे से ऊपर या ऊपर से नीचे किसी भी तरीके से कर सकते हैं।

पैरों को उठाइये

बेड में एक-दूसरे की बाहों में रहते हुए यह खेल भी खेल सकते हैं। हाई फाइव की तरह पैरों को भी ऊपर की तरह उठायें, फिर उनसे कहिये कि हवा में ही वे आपके पैरों की उंगलियों को अपने पैरों की उंगलियों से छुयें। यह काम उनके लिए थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है, लेकिन यह रोमांस को बढ़ाने में भी मदद करता है।

फोटो दिखायें-
आप अपनी पत्नी या प्रेमिका के विभिन्न अवस्थाऔं में फोटो खींच सकते हैं उनके अलग अलग अंगों के फोटो भी खींच सकते हैं। कभी उन्हौने अगर महैदी लगाई है तो मैहदी के फोटो भी आपके फोरप्ले का औजार हो सकते हैं।आप उनके पैरों की उँगलियों के भी फोटो चुपके से खीच लें तथा उन्हैं फोटो एल्बम में स्थान  दे तथा समय आने पर उन्हैं दिखाऐं फिर पूँछें ये किसके हैं इससे एक खास प्रकार का उद्दीपन होगा आप उनसे कहैं कि बताऐं ये किसके पैरों की उँगलियाँ है और कहैं कि आप तभी संबंध बनाऐंगे जब कि वे बता देगीं कि ये किसके पैरों की उँगलियाँ हैं।यह आपके  प्यार को उद्दीपित करने का नायाब तरीका है।

पीठ को सहलायें
महिला की पीठ भी सर्वाधिक उत्तेजना वाला अंग है जिसे छूकर आप अपनी पत्नी या प्रेमिका को उत्तेजित या फिर सेक्स के लिए तैयार कर सकते हैं और अगर  आप अपने  पैरों की उंगलियों से हल्‍के-हल्‍के प्रेमिका या पत्नी की पीठ सहलायेंगे तो उन्‍हें अच्‍छा भी लगेगा और वे आसानी से यौन संबंध बनाने के लिए तैयार भी हो जायेंगी।

उंगलियों से खेलें

आप अपने पैरों की उंगलियों को दोनों हाथों में रखकर उनसे कहें कि उनकी बड़ी वाली उंग‍ली को पहचानें। और जितनी बार वो आपकी सही उंगली की पहचान करेंगी उतनी बार ही आप उन्‍हें किस करेंगें। फिर देखिये आपकी एक किस के लिए वे कितनी उतावली होती हैं। यौन संबंध बनाने से पूर्व यह खेल आपके प्‍यार को और भी गहरा बनाने में सहायक होगा।

पेंटिंग करें

आप साथी के दोनों पैरों की उंगलियों पर पेंटिंग किजिये। इसमें स्‍माइली जैसी पेंटिंग कर सकते हैं, दिल बना सकते हैं, अगर आपके पास और कोई बेहतर पेंटिंग करने का  विचार है तो उनकी उंगलियों पर उन्‍हैं उकेरिये। यह खेल आप अपने पार्टनर के साथ अपने सबसे अजीज मित्र के साथ भी कर सकते हैं।

कपड़ों में चुहलबाजी-
आप अपने साथी को उत्तेजित करने के लिए उसके पहने हुये कपड़ों में ही उत्तेजित कर सकते हैं, इसके लिए कपड़े उतारने की कोई बहुत जरुरत नही है, आप उन्हैं  उनके पैरों पर छूकर, कपड़ों में हाथ डालकर, हाथों को छूकर कानों के नीचे सहलाकर, बाल सहलाकर किसी भी प्रकार से उत्तेजित कर सकते हैं।
  
 ऐसे करें सेक्स कि पार्टनर आजीबन भूल  ही न सके आपको

Tuesday, November 1, 2016

सेक्‍स के 12 राज जिनसे रहे आपकी महिला पार्टनर हमेशा खुश

स्त्री को खुश करने के सफल 12 तरीके

सेक्स वह प्राकृतिक क्रिया है जिसमें नारी व पुरुष दोनों को आनन्द आना चाहिये इसी लिए इस क्रिया को संभोग के नाम से भी जाना जाता है लैकिन सदा से ही यह एक शोध का विषय रहा है कि सेक्‍स संबंध बनाते वक्‍त महिलाएं किसी पुरुष से क्‍या चाहती हैं, इस पर पहले भी काफी कुछ लिखा जा चुका है। शायद ही संसार का कोई सहित्य हो जिसने इस पर अपनी राय न दी हो कोई भी धर्म हो, संस्कृति हो या कोई समुदाय हो सब प्रकृति के इस पेचीदे सबाल का इलाज ढूढते रहे हैं। इसी मुद्दे पर जो ताजातरीन शोध हुये है उनके नतीजे सामने आए हैं इनमें सेक्‍स विषय के एक्‍सपर्ट्स के अतिरिक्त 700 से ज्‍यादा महिलाओं ने खुलकर अपने विचार व्‍यक्‍त किए हैं। आखिर कोई महिला बिस्‍तर पर क्‍या चाहती हैं अपने यौन साथी से, आइये जानते हैं वो 12 राज जो विभिन्न शोधों के परिणाम स्वरुप ज्ञात हुये हैं। विश्व की अनेकों संस्थाऐं इस दिशा में कार्यरत हैं जो समय समय पर शोध करती हैं व आँकड़े प्रस्तुत करती हैं।


सेक्स के 12 राज जिनसे रहे आपकी महिला पार्टनर हमेशा खुशसेक्स के 12 राज जिनसे रहे आपकी महिला पार्टनर हमेशा खुश
1. सीधे सेक्स नही जरुरी है कामक्रीड़ा --- 
बहुत से पुरुष विस्तर पर जाते ही शुरू हो जाते हैं वे नही जानते कि महिला कि महिला में काम भाव सीधे ही जाग्रत नही होता है वे सोचते हैं कि महिला तो जैसे तैयार बैठी है किन्तु वे गलत हैं महिलाएं कई तरीके से पुरुषों के प्‍यार को महसूस करती हैं, जिनमें सबसे ज्‍यादा भाता है आपके मुंह से की गईं ‘शरारतें’. आंखों में आंखें डालकर प्‍यार जताना, होठों को संवेदनशील अंगों पर फिराना, किसी और तरीके से देह को छूना महिलाओं को भाता है. जीभ के अग्र भाग से स्त्री के  नाजुक अंगों का स्‍पर्श भी महिलाओं का मन मचलने के लिए काफी होता है। सर्वे में शामिल करीब 42 फीसदी महिलाओं ने यह बात स्‍वीकार की है.
2. सेक्स से जरुरी अहमियत है बीच बीच में फोरप्‍ले की ---
कामक्रीड़ा का असली मजा सिर्फ चरम तक पहुंचने पर ही नहीं है, बल्कि सेक्स का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है अपने पार्टनर व स्वयं को आनन्द प्रदान करना तो इसके लिए जरुरी है कि आप सेक्स से पहिले कुछ विशेष प्रकार से पार्टनर में सेक्स को जाग्रत करें जिससे उसे सेक्स के समय हर पल भरपूर आनंद मिले। इसी क्रिया को फोरप्‍ले के नाम से जाना जाता है।जिसका अपना मजा है. सर्वे में शामिल महिलाओं ने माना कि फोरप्‍ले के दौरान होने वाली उत्तेजना एकदम अलग तरह की होती है. महिलाओं ने कहा कि पुरुषों को सेक्‍स के मामले में थोड़ा ‘क्रिएटिव’ होना चाहिए. कुछ नया और एकदम अलग अंदाज में किया जाना महिलाओं को खूब भाता है।
जानिये क्या है फोरप्ले व इसे आप कैसे अपने पार्टनर को संतुष्ट कर सकते हैं।
3. ‘आनंद’ व ‘संतुष्टि’ में फर्क है-- 
प्राकृतिक अवस्था में जब नर व नारी सेक्स में सम्मिलित होते हैं तो उन्हैं ज्यादा आनन्द आता है यह बात अब शोध द्वारा सावित हो गयी है। किन्तु क्योंकि यह केवल एक नर व एक ही नारी वाली स्थिति में तो ठीक कही जा सकती है किन्तु आज की आवोहवा में इसे ठीक नही कहा जा सकता है।वैसेकिंसले इंस्टिट्यूट के शोध में यह पाया गया कि पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी यह माना कि उन्‍हें कंडोम के बिना यौन संबंध ज्‍यादा अच्‍छा लगता है. पर महिलाओं ने यह भी माना कि दरअसल संभोग के दौरान कंडोम का इस्‍तेमाल किए जाने पर उन्‍हें ज्‍यादा सुकून मिलता है. यह सुकून 'प्रोटेक्‍शन' को लेकर होता है. सर्वे में शामिल महिलाओं ने कहा कि कंडोम यौन रोगों से बचाव का यह कारगर तरीका है. इसके इस्‍तेमाल से महिलाएं खुलकर सेक्‍स का भरपूर मजा ले पाती हैं.
4. सेक्स किया जाए धीरे-धीरे, आराम से...
सभी महिलाएं यही चाहती हैं कि उसके बेहद कोमल अंगों को शुरुआती दौर में ज्‍यादा तकलीफ न दी जाए। महिलाएं पुरुषों से अपेक्षा रखती हैं कि वे उनके सेंसिटिव अंगों के साथ संवेदनशीलता से ही पेश आएं। मतलब यह कि संभोग के दौरान वे चाहे तो जीभ व उंगलियों का इस्‍तेमाल करके जरूरी उत्तेजना पैदा करें, पर कष्‍ट न दे।
5. सेक्स करने का वातावरण सुहावना हो -- 
यह वैसे भी समझ में आने वाली वात है कि अगर आपको ठीक व अच्छा माहौल नही मिलेगा तो आप कोई भी काम मन से नही कर सकेंगें फिर यह तो सेक्स की बात है जिसमें नर व नारी का शरीर ही नही अपितु मन भी मिलता है अतः जरुरी है कि सेक्स का स्थान व माहौल दोनो खुशनुमा हों।

शोध के दौरान 50 फीसदी महिलाओं ने स्‍वीकार किया कि संभोग के दौरान अनुकूल मौसम व वातावरण न होने की वजह से वे चरम तक न पहुंच सकीं। महिलाओं ने माना कि दरअसल पुरुषों के ठंडे पाँव की वजह से उन्‍हें ज्‍यादा तकलीफ होती है. डॉ. होल्‍सटेज ने कहा कि सेक्‍स के दौरान वातावरण भी काफी मायने रखता है. अगर कमरे का तापमान अनुकूल रहता है, तो यह सेक्‍स का मजा बढ़ा देता है।
6. सेक्‍स के दौरान पोजिशन का भी रखें खयाल
सेक्‍स संबंध बनाने के दौरान एक महत्वपूर्ण बात है पोजिशन का भी खयाल रखना जो बेहद जरूरी होता है. स्‍त्री के निचले भाग को अगर दो-तीन तकियों के सहारे थोड़ा-सा और ऊपर उठाकर संभोग किया जाए, तो इससे सेक्स ठीक से हो पाता है। इसके अलावा और भी बेहतर स्थिति यह होती है  जबकि स्‍त्री लेटे हुए पुरुष के ऊपर आकर संभोग करती है. इससे स्त्रियां अपने कामांगों  में ज्‍यादा उत्तेजना महसूस करती हैं।
एक और पोजिशनजो बहुत सी महिलाओं व पुरुषों को अच्‍छी लगती है, वह है ‘डॉगी स्‍टाइल’ इस स्टाइल में स्‍त्री घुटनों और हाथों के बल खुद को संतुलित किए रहती है और पुरुष उसके ठीक पीछे जाकर संभोग करता है.
7. इनके अलावा और भी तरीके हैं...
ऑस्‍ट्रेलियन सेक्‍स रिसर्चर जूलियट रिचटर्स के अनुसार सर्वे में शामिल पांच में से केवल एक महिला ने माना कि वे केवल एकदम नॉर्मल तरीके से किए गए संभोग से ही चरम तक पहुंच जाती हैं. ज्‍यादातर युवा महिलाओं का मानना था कि वे अपने पार्टनर से चाहती है कि वे सेक्‍स के दौरान अपने हाथ और मुंह का भी ज्‍यादा इस्‍तेमाल करें। अर्थात महिलाऐं चाहती हैं कि जो पुरुष उन्हैं सेक्स के दौरान थपथपाता है और दन्त भेदन आदि करता है उससे उन्हैं अधिक सुख मिलता है। उन्‍हौने अपनी किताब के लिए 19 हजार लोगों पर यह सर्वे किया जिसके दौरान उन्हैं इस तथ्‍य का पता चला।90 प्रतिशत से ज्‍यादा महिलाओं ने माना कि वे केवल सेक्‍स के दौरान अपने पार्टनर द्वारा मुख का भी इस्‍तेमाल किए जाने के बाद चरम तक पहुंचती हैं।
रिसर्च में पाया गया कि जब कामक्रीड़ा आरामदायक तरीके से, धीरे-धीरे, किन्तु लगातार की जाती है तो दोनों को अपेक्षाकृत ज्यादा आनन्द आता है। और वे चरम बिन्दु पर पहुँच पाते हैं।
8. सेक्स में जल्‍दबाजी न करें कभी भी 
सेक्‍स मेडिसिन के एक जर्नल में प्रकाशित स्‍टडी के मुताबिक, सेक्‍स में जल्‍दबाजी दिखलाने पर पुरुष तो संतुष्‍ट हो जाते हैं, पर महिलाएं चरम तक नहीं पहुंच पाती हैं. ऐसे में पुरुषों की जिम्‍मेदारी होती है कि वे बिना हड़बड़ी दिखलाए अपनी पार्टनर को लंबे गेम में साथ लेकर चलें। सर्वे में शामिल महिलाओं में से केवल पचास फीसदी ने कहा कि वे 10 मिनट या इससे कम वक्‍त में ही चरम तक पहुंच जाती हैं।जबकि अन्य का मानना था कि इसमें वक्त लगता है।
9. महिला के संवेदनशील अन्‍य अंगों को पहचानें
सेक्‍स पर शोध करने वालों ने पाया है कि केवल G-स्‍पॉट ही आनंद देने के लिए पर्याप्‍त नहीं है, बल्कि महिलाओं के शरीर में और भी ऐसे भाग हैं, जहां संवेदना ज्‍यादा होती है. इसमें A- स्‍पॉट भी शामिल है, जहां सहलाने से महिलाओं का शरीर यौन क्रिया के लिए शारीरिक रूप से तैयार हो पाता है. इस काम में उंगलियों की कारस्‍तानी काम आती है। कान के नीचे का भाग, गर्दन व गला, माथा ,बाल, स्तन,गाल औठ, जीभ, भग, दोनो भगोष्ठ,योनि, योनि की दरार आदि
 पहिचाने महिला के यौन संबेदनाशील अंगो को जिन्हैं छूने पर होती है उसे स्वर्गिक अनुभूति
क्या है G स्पाट जाने----
10. क्या आपकी पार्टनर तैयार है इस बात को ठीक से परखें   
कोई स्‍त्री संभोग के लिए तैयार है या नहीं, यह जानने में भी कई बार भूल हो जाती है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की लेक्‍चरर बरबरा कीसलिंग का मानना है कि सिर्फ बाहरी लक्षण से ही इसकी पहचान संभव नहीं है. इनकी नजर में ‘बटरफ्लाई पोजिशन’ सबसे ज्‍यादा बेहतर है।
क्या है बटर फ्लाई पोजीशन जाने----
11. स्त्री अपने घरेलू काम में पुरुष का साथ चाहती है ...
महिलाओं को घर में बहुत काम होता है जिसकी वजह से कई बार वे ठीक से नींद भी नही ले पाती हैं ऐसी स्थिति में उन्हैं सेक्स में भी रुचि नही हो पाती एसे में उसके साथी की जिम्मेदारी बनती है कि वह उनका उनकी मुस्किल में साथ दे शोध के अनुसार अधिकतर महिलाओं नेे इस बात पर सहमति जताई है कि पुरुषों को चाहिए कि वे व्‍यंजन पकाने या कपड़े धोने आदि काम में इनकी मदद करें. सर्वे में शामिल महिलाओं ने माना कि ऐसी स्थिति में जब पुरुष उनके काम में मदद करते हैं कि उन्‍हें बेहतर एहसास होता है। और वे बिस्तर पर अपने पूरे मन से साथ होती हैं।
12. जरूरी नहीं कि हर बार चरम तक पहुंचा ही जाए
यह कोई जरूरी नहीं है कि महिला हर बार चरम तक पहुंच ही जाए, कई बार तनाव व थकान की वजह से ऐसा नहीं हो पाता। अगर यह वास्तव में थकान के कारण हो रहा है तो समझदारी होगी कि इस खेल को यहीं विराम दे दिया जाऐ यह भी जानने का विषय है कि चरम तक न ले जाने के लिए हर बार पुरुष ही जिम्‍मेदार नहीं होता। फिर भी महिला की सहमति से आप अपने हाथों और उंगलियों का प्रयोग कर उसे संतुष्‍ट कर सकते हैं. कुल मिलाकर इस क्रीड़ा का आनंद ही मायने रखता है। सेक्स की भाषा में यह आफ्टर प्ले कहा जाता है।
कैसे पहुँचाऐं स्त्री को चरम सुख तक जाने

सेक्स जीवन के लिए कितना तकलीफ देह है तनाव- कारण व निवारण

तनाव और तनाव ग्रस्तता में सेक्स किस हद तक तकलीफदेह हो सकता हैI किस प्रकार  तनाव सेक्स को प्रभावित कर सकता है?और इस तनाव का समाप्त करने के लिए आप क्या कर सकते हैं?

सेक्स जीवन के लिए घातक है तनाव
सेक्स और तनाव

रिसर्च से पता चलता है कि कैसे रोज रोज का  तनाव हमारे सेक्स जीवन को नुकसान पहुँचाता हैंI
 जीवन का तनाव आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है और इसके कारण आपकी पढ़ाई ,आपकी नींद और आपका सेक्स जीवन भी प्रभावित होता  हैI तनाव अनेकों प्रकार से हमारे सामने आता हैI आइये जाने कैसे इसका सामना किया जाये

 कनाडा के कुछ शोधकर्ताओं ने इंटरनेट पर तनाव और सेक्स से जुड़ा एक सर्वे किया जिसमें रोज़मर्रा के जीवन में आने वाले तनाव और सेक्स पर उसके असर से जुडी प्रश्नावली के ज़रिये होने वाले इस सर्वे के लिए उन्हौने  155 महिलाओं और 90 पुरुषों से संपर्क कियाI इस प्रश्नावली में लगभग वो सभी बिंदु सम्मिलित थे जो रोज़मर्रा के जीवन में तनाव का कारण बन सकते हैं, बिजली के बिल के भुगतान से लेकर, वातावरण में प्रदूषण, ट्रैफिक और जीवन को सही अर्थों की समझ तक के सभी प्रश्न I

सर्वे में भाग लेने वाले लोगों ने अपने सेक्स जीवन से जुडी अंतरंग जानकारी भी शोधकर्ताओं के साथ साझा की, जैसे कि क्या उन्हें कोई निराशा या चिंता परेशान कर रही है? जब शोधकर्ताओं ने सारी जानकारी अर्जित करके जब आँकलन किया और तनाव की गहनता के आधार पर उसे 5 मुख्य भागों में बाँट दिया जो निम्न प्रकार से था। 

तनाव के प्रकार-----



  • व्यक्तिगत तनाव-----जैसे मुझे डिनर पर क्या बनाना चाहिये? या फिर मेरी मौत कब होगी?
  • आर्थिक तनाव------जैसे मकान का किराया कैसे भरा जाऐ ?  या फिर अगर नौकरी चली गयी तो क्या करुँगा ?
  • सामाजिक और आर्थिक वर्गीकरण तनाव-----जैसे --- मेरा घर अच्छे इलाके में नहीं हैं या पड़ोसी  हमारे स्तर के नहीं हैं ?
  • नौकरी से जुड़े तनाव----- जैसे-- मेरा बॉस का नेचर अच्छा नही है ?
  • समय का तनाव--- जैसे:--- काम बहुत ज़्यादा है और समय काम ?

तनाव का प्रभाव महिलाओं पर अधिक

ये बात तय है कि तनाव का दुष्प्रभाव महिला और पुरुष दोनों के सेक्स जीवन पर पड़ता हैI "जब आपके दिमाग में पैसे से जुड़ा या काम से जुड़ा तनाव हो, तो ये स्वाभाविक है कि अपने साथी पर ध्यान केंद्रित करना और सेक्स के लिए ऊटेजांना महसूस करना आसान नहीं है," शोधकर्ता डॉ लिसा डॉन हैमिलटन ने लव मैटर्स को बतायाI इसकी असल वजह खुद तनाव है या फिर इस तनाव के कारण हुई निराशा है, ये पता लगाना मुश्किल है क्यूंकि इनका गहरा सम्बन्ध हैI
रिसर्च ने ये भी खुलासा किया कि रोज़मर्रा के इस तनाव के नुकसानों का प्रभाव महिलाओं पर पुरुषों से अधिक होता हैI "महिलाएं अक्सर काम पैसा कमेटी है, घर के कामों में पुरुषों से ज़्यादा उलझी रहती हैं," डॉ हैमिलटन कहती हैंI इन सभी बातों कि चिंता के साथ उनका दिमाग सेक्स पर लग पाना और उसका लुत्फ़ उठा पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता हैI
तो आखिर सभी तनावों में से महिलाओं को सबस एज़्यादा कौनसा तनाव प्रभावित करता है? जी हाँ! अपने सही अंदाज़ा लगाया, 'पैसे' का तनाव महिलाओं को सबसे अधिक परेशान करता हैI उसके बाद बारी आती है अर्थी और सामाजिक वर्गीकरण से जुड़े तनाव कीI "सबसे खतरनाक वो तनाव होते हैं जिन पर आपका चाहकर भी कोई नियंत्रण नहीं होता," डॉ हैमिलटन का कहना हैI

तनाव से मुक्ति केउपाय या तनाव दूर करने के उपाय ---

फालतू बाते छोड़े अपने आज पर ध्यान दें

निष्कर्ष यही है कि सेक्स को बेहतर अनुभव करने के लिए तनाव का अंत करना ज़रूरी है ? हाँ, यह  कहना तो आसान है लेकिन शायद करना मुश्किल होगाIजैसे यह कहना बहुत आसान है कि पैसे की चिंता मत कीजिये- बस अमीर बन जाइये?
लैकिन फिर भी आप तनाव के कारणों को अगर ख़त्म नहीं कर सकते हैं तो कोई बात नही  लेकिन आप अपने आप पर इनके दुष्प्रभाव को रोक सकते हैं, और वो तरीका है  मैडिटेशन(ध्यान) का जो एक असरदार तरीका हैI
रिसर्च दर्शाती है की ये तकनीकें तनाव का स्तर नीचे ला सकती हैI मैडिटेशन आपको भविष्य या भूतकाल से  वर्तमान में लाने में लाकर आपका ध्यान केंद्रित करने में मदद करता हैI इसके अलावा सेक्स की एक प्राचीन भारतीय तकनीक, 'तांत्रिक सेक्स' भी तनाव को दूर करने में असरदार पायी गयी हैI सारी समस्या और उसके समाधान का सार असल में उस पल पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में है जो आप अपने साथी के साथ बिस्तर में गुज़ारते हैं, है ना?

तनाव के कारण और प्रकार----

किस कारण होता है तनाव और यह किस प्रकार का हैः---- 

वैसे तो मानव का जीवन अनेक प्रकार के तनावों से भरा होता है और इन सभी तनावों के कारण सेक्स जीवन प्रभावित होता है।लेकिन जब सेक्स जीवन इन तनावों से ग्रस्त होता है तो और भी ज्यादा मानसिक तनाव उत्पन्न होने लगते हैं जिससे स्त्री-पुरुष दोनों में ही अनेकों मानसिक व शारीरिक रोग पैदा होने लगते हैं।
कहा जाता है कि प्रत्येक प्रकार के तनाव का इलाज है सेक्स किन्तु कभी कभी स्थिति उल्टी हो जाती है और तनाव भी सेक्स में दूरी का कारण बन जाता है। जिनमें तनाव के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं।

पारिवारिक तनावः

परिवार में जब किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है तो उससे मानसिक तनाव पैदा होता है। इस तरह का तनाव किसी भी प्रकार का हो सकता है जैसे- पति-पत्नी का झगड़ा, बच्चों की लड़ाई, परिवार के किसी सदस्य से झगड़ा होना आदि।

मानसिक तनावः

चिंता, शंका, भ्रम, शोक, विछोह, संकोच, भय, क्रोध, घृणा, लज्जा, अहंकार, आत्महीनता, अति महत्वकांक्षा और सेक्स अनिच्छा आदि कारणों से मानसिक तनाव पैदा होता है।

शारीरिक तनावः

सेक्स रोग, किसी प्रकार की लम्बी बीमारी, हृदय रोग, कमजोरी, कैंसर, कामविकृति, थकावट तथा उम्र का प्रभाव आदि कारणों से भी तनाव उत्पन्न होता है।

सामाजिक तनावः

सामाजिक बहिष्कार, मान-प्रतिष्ठा का धक्का, जातिभेद, लड़की के विवाह की चिंता एवं लड़की का घर से भाग जाना आदि कारणों से भी तनाव उत्पन्न होता है।

आर्थिक तनावः

गरीबी, बेरोजगारी, इन्कमटैक्स, शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट, घरेलू जरूरतें, मकान का किराया, स्कूल की फीस और पत्नी की फर्माइश आदि कारणों से भी तनाव उत्पन्न होता है।

व्यवसायिक तनावः

बिजनेस में घाटा होना, नौकरी का न मिलना तथा किसी काम में मन न लगना आदि कारणों से भी तनाव उत्पन्न होता है।
इसके अतिरिक्त बसों के लिए लम्बी लाइनों में खड़े होना, लोकल ट्रेन के भीड़-भाड़ में सफर करना एवं ट्रैफिक जाम आदि कारणों से तनाव उत्पन्न होना।
इन सभी कारणों से तनाव उत्पन्न होता है जिसका असर व्यक्ति के सेक्स जीवन पर पड़ता है


ये चार 'स' 4 Sजो बिगाड़ दे आपकी सेक्स लाइफ

सेक्स के लिए क्या क्या खाना पीना हानिकारक है जानिये-- 

सेक्स, प्रकृति का वह करिश्मा है जिसमें प्रत्येक प्राणी बँधा है जो सबमें होते हुये भी सभी के आकृषण का कारण है जिसके बिना केवल मानव नही अपितु प्रकृति का अस्तित्व सम्भव नही है, यह वह भावना है जिसके कारण कई बार तो एसा लगता है कि प्रेम जिन्दा है। इस शब्द ने केवल जीवों के लिए ही नही अपितु निर्जीवों को भी प्रेम के भाव में बाँध दिया है इसके लिए ही व्यक्ति, जानवर या पेड़ पौधे के लिए किसी स्थान विशेष अवस्था विशेष से प्रेम हो जाता है कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि इस सकल चराचर जगत में जो कुछ दिखाई दे रहा है वह इसी सेक्स की भावना का विस्तार ही है।लैकिन कितने आश्चर्य का विषय है कि इस सबके बावजूद यही सेक्स कई बार हैय दृष्टि से भी देखा जाता है।चलो खैर आज का विषय यह है कि सेक्स के लिए हानिकारक क्या है, वे कौन से S हैं जिनसे दूर रहकर हम अपने सेक्स जीवन को बनाये रख सकते हैं या फिर अपने सेक्स जीवन का भरपूर आनन्द ले सकते हैं।

सुगर, डाइबीटिज का सेक्स क्षमता पर प्रभाव----


डाइबीटिज के रोगी के लिए एक बहुत बड़ी समस्या यह होती है कि सेक्स के दौरान शुगर के स्तर में उतार-चढ़ाव होता रहता है। ब्लड-शुगर कम होने पर थकान महसूस होती है और हाई होने पर पुरूषों का इरेक्शन कम होता है और महिलाओं में डाइबिटीज जब हाई होती है तब उनमें कामोत्तेजना में कमी आ जाती है। इसलिए सेक्स करने के पहले शुगर की जाँच कर लेने से मधुमेह रोगी सही तरह से सेक्स जीवन का आनंद उठा पायेंगे।

अतः यह कहा जा सकता है कि मधुमेह या शर्करा की सही मात्रा में होने पर ही व्यक्ति ठीक प्रकार से सेक्स का आनन्द ले सकता है। किन्तु इसका मतलब यह नही है कि शुगर के रोगी को सेक्स सुख लेना ही नही चाहिये। वल्कि सही बात तो यह है कि सेक्स एक प्रकार का व्यायाम है अतः सेक्स सुख लेने से कहीं न कहीं मधुमेह या डाइबिटीज में फायदा होता है अतः इस सुख को पर्याप्त रुप से समय समय पर लेने के लिए जब भी आपका शुगर स्तर कंट्रोल में हो अवस्य लेना चाहिये।

सिगरेट या बीड़ी का सेक्स लाइफ पर प्रभाव ---

 जो लोग ज्यादा मात्रा में सिगरेट व बीड़ी का प्रयोग करते हैं उनके रक्त में निकोटिन की मात्रा बढ़ जाती है फलस्वरुप तंत्रिका तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिसके कारण कामांगों में उद्दीपन या तो हो ही नही पाता और अगर होता भी है तोए पर्याप्त मात्रा में नही होता है जिसके कारण व्यक्ति को पुनः पुनः नशे की जरुरत पड़ती रहती है और एक समय एसा भी आता है जबकि नशा लेने से भी कुछ नही होता है और कामांग शिथिल पड़े रहते हैं।पुरुषों में तो लिंग ही दृढ़ नही हो पाता अर्थात पर्याप्त रुप से इरेक्सन नही होता है और महिलाओं में इसके कारण से कामानुभूति नही होती तब सेक्स आनन्द होना सम्भव ही नही है।

अगर पुरुष धूम्र पान करता है या फिर तम्बाकू का सेवन करता है तो उसके शुक्राणु असामान्य गति से कम होते जाते है और व्यक्ति के नपुंसक तक होने की संभावना होती है।

वहीं महिलाओं के तम्बाकू सेवन से उनके प्रजनन तंत्र और प्रजनन क्षमता में कमी आ जाती है। और महिला को बांझपन होने की संभावना बढ़ जाती है।अगर कोई महिला गर्भावस्था में तम्बाकू का सेवन करती है तो उसके भूर्ण में स्थित शिशु की मृत्यु भी हो सकती है या उसे अचानक गर्भपात भी कराना पड़ सकता है.

वैसे भी जब एक पार्टनर बीड़ी सिगरेट का इस्तेमाल करता हो और दूसरा न करता हो तब सिगरेट या बीड़ी की बदबू दूसरे व्यक्ति को दुःखी करती है उसे मुँह से बदबू आती है जिसके कारण सारे सेक्स के आनन्द का कूड़ा हो जाता है अतः जो लोग सिगरेट शराव का सेवन करते भी हों उन्हैं अपने पार्टनर की भावनाओं का आदर करते हुये हमेंशा जब भी सेक्स करने का मन हो अवश्य ही अपने मुँह को कुल्ला आदि करके साफ कर लेना चाहिये फिर कोई माउथ फ्रेशनर यथा इलायची आदि खाकर ही सेक्स की ओर अग्रसर होना चाहिये।


शराब का सेक्स क्षमता पर प्रभाव--- 

शराब एक अरबी भाषा का शब्द है जो दो शब्दों के तालमेल से बना है एक है शर यानि बुरा और आब यानि कि पानी अर्थात शराब एक बुरी प्रकार का पानी है। बैसे भी कहा गया है कि शराब व्यक्ति के मस्तिष्क पर असर करती है जो उसे यह ख्याल ही नही रहने देती कि क्या अच्छा है और क्या बुरा व्यक्ति विवेकहीन हो जाता है।उसका अपने दिमाग से नियंत्रण हट जाता है।
वैसे तो कहा जाता है शराव व सुन्दरी का जोड़ है किन्तु एक स्थिति तक ही यह कामयाव कहा जा सकता है।
प्रसिद्ध इग्लिस नाटककार शैक्सपीयर के अनुसार शराब कामेच्छा तो जगाती है, पर काम या सेक्स को बिगाड़ देती है। शोधों से सावित हुआ है किअगर लंबे समय तक शराब का सेवन किया जाए तो उत्तेजना में कमी आ जाती है. यही नहीं और भी कई तरह की परेशानियां शराब के कारण हो जाती हैं।
 ‘‘शराब सैक्स के लिए जहर है. यह बात और है कि शराब पी लेने के बाद चिंता थोड़ी कम हो जाती है और शराब पीने वाला ज्यादा आत्मविश्वास से सहवास कर पाता है. लेकिन कोई व्यक्ति लंबे समय तक शराब का सेवन करता रहे तो वह नामर्दी तक का शिकार हो सकता है.’’
जानिये कैसे ------

स्ट्रेस या तनाब का सेक्स जीवन व क्षमता पर प्रभाव------ 

आज हर तरफ भाग-दौड़ है और इस कारण ज्यादातर व्यक्तियों की जिन्दगी में चारों ओर तनाव और परेशानी का माहौल है और इन समस्याओं का प्रभाव व्यक्ति के वैवाहिक जीवन पर पड़ने लगा है। अत्यधिक मानसिक तनाव और काम का बोझ होने के कारण पति-पत्नी भी आपस में प्यार भरी बाते भी नहीं कर पाते। आज के समय में मानसिक तनाव इतना अधिक बढ़ गया है कि पति पत्नि के बीच मानसिक रिस्ते ने केवल शारीरिक रिस्ते का रुप ले लिया है वे शायद कभी कभी इतने तनाव में रहते हैं कि वे हंसी मजाक भी शायद ही कर पाते हैं।कभी पत्नी हंसी-मजाक करने या प्यार करने के मूड में होती है तो पुरुष बाहरी मानसिक तनाव के कारण मना कर देता है और कभी पुरुष अपनी पत्नी से बाते करने की इच्छा करता है तो पत्नी मना कर देती है। इस तरह जीवन में उत्पन्न समस्याओं और तनाव के कारण पति-पत्नी का वैवाहिक जीवन असंतुलित होने लगता है। पति-पत्नी के बीच आपसी संबंध बनाने का समय ही नहीं मिलता। इस तरह के मानसिक तनाव के कारण स्त्री-पुरुष के सेक्स संबंध में बदलाव आने लगता और यदि ऐसा नहीं भी होता है तब भी सेक्स संबंध के दौरान तनाव के कारण एक-दूसरे को वह आनन्द नहीं मिल पाता जो उन्हें मिलना चाहिए। इसमें दोनों शरीर केवल यंत्इर के रुप में कार्य करते हैं। इस तरह जीवन में उत्पन्न समस्याओं के कारण कभी-कभी काम के समय में ही उन दिनों को याद करने लगते हैं जो शादी के बाद कुछ दिनों तक व्यतीत किए होते हैं। जीवन में तनाव बढ़ने के कारण स्त्री-पुरुष के बीच खटास बढ़ने लगती है जिसके कारण दोनों सेक्स आनन्द से वंचित रहने के साथ-साथ अपने वैवाहिक जीवन को भी नष्ट कर लेते हैं।अतः हम कह सकते हैं कि तनाव का सेक्स जीवन पर एक बड़ा ही घातक प्रभाव पड़ता है।

तनाव और तनाव ग्रस्त सेक्स किस हद तक तकलीफदेह हो सकता हैI किस प्रकार  तनाव सेक्स को प्रभावित कर सकता है?और इस तनाव का समाप्त करने के लिए आप क्या कर सकते हैं? आइये इसे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।

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Monday, October 31, 2016

लो खाओ पौरुष,यौन या मर्दाना ताकत वढ़ाने वाली आयुर्वेदिक वियाग्रा

मर्दाना ताकत,पौरुष शक्ति, या काम अर्थात यौन शक्ति बढ़ाने के लिए आयुर्वेद घरेलू उपाय--- 

पुरुषों की पौरुष शक्ति,जनन शक्ति या सेक्स अर्थात यौन ताकत बढ़ाने के लिए हमारे देश में बहुत पहले से एक धार्मिक वृक्ष जिसे बरगद या बड़ के नाम से जाना जाता है का प्रयोग बहुत पुराने समय से किया जाता है इस पेड़ के पत्तों व डालियों से तोड़ने पर एक प्रकार का दूध निकलता है जिसका प्रयोग करके कोई भी अपनी जनन शक्ति अर्थात यौन शक्ति जवानी को पुनः प्राप्त कर सकता है जिन लोगों को नपुंसकता तक है वे भी इसके प्रयोग से स्वस्थ होकर अपनी जनन शक्ति या जवानी को प्राप्त कर सकते हैं।बरगद के दूध के प्रयोग से नामर्दी अर्थात नपुंसकता, वीर्य का पतलापन,प्रमेह,स्वप्नदोष, जैसे विकार तो दूर होते ही हैं साथ ही यह काम शक्ति वर्धक, शुक्र वढ़ाने वाला,व वीर्य के अन्य विकारों को दूर करने वाला सरल, अनुभूत तथा घरेलू ही नही अपितु सर्वाधिक सस्ता योग है।
पुरुषों की हर प्रकार की सेक्स प्रोव्लम की अगर कोई एक औषधि कही जाऐ तो बरगद इस श्रेणीं में रखी जा सकने वाली औषधि है।

काम या पौरुष शक्ति वर्धक शीघ्रपतन नाशक बरगद के फल

यौन शक्ति वर्धक आयुर्वेदिक औषधि जिसे हम आयुर्वेदिक वियाग्रा तक कह सकते हैं।

बरगद के फल तथा दूध वीर्य का पतला पन तो दूर करता ही है साथ ही वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या को भी बढ़ा देता है।

पुरुषों की हर प्रकार की सेक्स प्रोव्लम की अगर कोई एक औषधि कही जाऐ तो बरगद इस श्रेणीं में रखी जा सकने वाली औषधि है।

बरगद के फल में काम शक्ति बढ़ाने वाले  और शुक्र बढ़ाने वाले  अर्थात वीर्य वर्धक गुण पाए जाते हैं। बरगद के पेड़ पर लाल रंग के छोटे-2 बेर के समान फल लगते हैं।जो पकने पर लाल सिंदूरी हो जाते हैं, बरगद के पेड़ के ये लाल पके हुए फल हाथ से तोड़ें। ध्यान रखें इन्हैं जमीन पर गिरे हुए नही लेना है। इनको जमीन पर कपड़ा बिछा कर छाया में सुखाएं तथा सूखने के बाद पत्थर पर पीसकर पाउडर बना लें। 
विशेष --- सुखाते समय पीसते समय न तो लोहे का उपयोग होना चाहिए और लोहे से इन्हें  छूना भी नही है।
 अब इस पाउडर मैं बराबर मात्रा में पिसी हुई मिश्री मिला लें। ध्यान रखें मिश्री भी पत्थर पर ही पीसें अच्छी प्रकार मिश्री और बरगद के फलों के पाउडर को मिलाकर मिट्टी के बर्तन में  मिलाकर सुरक्षित रख लें । इस चूर्ण की आधी चम्मच मात्रा सुबह शाम दो बार गर्म दूध से फाँक लें। इससे शीघ्र पतन समाप्त होकर काम शक्ति प्रबल हो जाती है और विवाहित जीवन का भरपूर आनंद प्राप्त होता है। इसके अलावा शरीर भी अच्छा होकर चेहरे पर लाली चमकने लगती है। इस सस्ते लेकिन मेहनत से भरपूर प्रयोग को करके देखें।
यदि किसी व्यक्ति के वीर्य में बच्चे पैदा करने वाले कीटाणु (स्पर्म) ना हो तो इस प्रयोग से बच्चे पैदा करने वाले शुक्राणु वीर्य में पैदा हो जाते हैं औरआदमी बच्चे पैदा करने योग्य हो जाता है। शुक्राणुओं के न होने से जो पुरुष बच्चे पैदा करने के अयोग्य घोषित कर दिए गए हैं अर्थात नामर्द घोषित कर दिया गया है , वे लोग इस प्रयोग को ज़रूर करें, और इसे प्रयोग करने के बाद उन्हैं जो फायदा प्राप्त हो इसे अवश्य ही हमारी साइट पर शेयर करें आप इसे ही अपनी डाक्टर की फीस समझें जिससे आपकी तरह ही जो लोग रोग से ग्रसित हैं लाभ प्राप्त कर सके हाँ हम यह क्यों चाहते है इसका कारण है कि आप जब इसे शेयर करेंगे तो इससे आयुर्वेद फैलेगा और यही हमारी साइट बनाने का उद्देश्य ही है।

बरगद के दूध का मर्दाना ताकत या काम शक्ति की वृद्धि करने में प्रयोग

बरगद के पेड़ की यह खासियत है कि जब भी आप कोई पत्ती, डंडी या फिर कोपल अथवा कली या फल तोड़ेंगें, इससे दूध निकलेगा इससे निकलने वाले इस दूध की पांच बूँदें एक बताशे पर टपका कर खा लें और इस प्रकार  के चार बताशे प्रतिदिन सूर्योदय से पहले खाएं। और प्रतिदिन दूध की एक बूँद मात्रा बढ़ाते जाएं। इस प्रकार दस दिन लेकर फिर एक बूँद रोज कम करते जाएं। इस प्रकार 20 दिन यह इस्तेमाल करने से वीर्य का पतलापन, प्रमेह, स्वपनदोष ठीक हो जाता हैं| इस विधि को आयुर्वेद में कल्प चिकित्सा के नाम से जाना जाता है।

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